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केरल में एक लोकसभा और 2 विधानसभा सीटों के लिए होंगे उपचुनाव

राहुल गांधी के वायनाड सीट छोड़ने के निर्णय के बाद केरल में अब एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटें खाली हो जाएंगी, जिन पर भारत के चुनाव आयोग के निर्णय के बाद दोबारा चुनाव कराए जाएंगे

केरल में एक लोकसभा और 2 विधानसभा सीटों के लिए होंगे उपचुनाव
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तिरुवनंतपुरम। राहुल गांधी के वायनाड सीट छोड़ने के निर्णय के बाद केरल में अब एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटें खाली हो जाएंगी, जिन पर भारत के चुनाव आयोग के निर्णय के बाद दोबारा चुनाव कराए जाएंगे।

बता दें कि वायनाड सीट से मौजूदा सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को इस सीट को खाली करने के फैसले के साथ अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है।

नतीजों की बात करें तो इसमें किसी को संदेह नहीं है, मगर देखने वाली बात यह होगी क्‍या वह 2019 में अपने भाई के 4.30 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर को पार कर पाएंगी या नहीं।

2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों में इस बार राहुल गांधी की जीत का अंतर घटकर 3.60 लाख वोट रह गया।

वायनाड लोकसभा सीट के अलावा त्रिशूर जिले में दो विधानसभा सीट, पलक्कड़ और चेलाक्कारा आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव होंगे।

पलक्कड़ में कांग्रेस के तीन बार विधायक रहे शफी परंबिल ने वडकारा लोकसभा सीट जीतने के बाद अपनी सीट खाली कर दी है।

चेलाक्कारा में वर्तमान विधानसभा सदस्य और राज्य के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति मंत्री सीपीआई (एम) के के. राधाकृष्णन अलाथुर सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अपनी सीट छोड़ देंगे।

इस बार भी यह चुनाव कांग्रेस की तुलना में भाजपा और माकपा के लिए अधिक महत्वपूर्ण होने जा रहा है।

पलक्कड़ विधानसभा सीट ऐसी है, जहां भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रही थी, जब दिग्गज रेलवे इंजीनियर ई. श्रीधरन ने परमबिल को कड़ी टक्कर दी थी। परमबिल ने लगभग 3,000 वोटों से चुनाव जीत लिया था।

त्रिशूर लोकसभा सीट से सुरेश गोपी की शानदार जीत और राज्य से पहली बार लोकसभा में अपना खाता खोलने के बाद भाजपा को 140 सदस्यीय विधानसभा में भी अपना खाता खोलने की उम्मीद है। पार्टी ने सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी है।

माकपा के लिए, चेलक्कारा की लड़ाई एक निर्णायक लड़ाई होने जा रही है, क्योंकि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि राधाकृष्णन की सीट न हारी जाए। एक और हार मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए एक और झटका होगी।

संयोग से कांग्रेस राम्या हरिदास को ला सकती है जो अलाथुर लोकसभा सीट से राधाकृष्णन से हार गई थीं।

अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कब करता है। इस बीच तीनों राजनीतिक मोर्चे जल्द ही चुनाव प्रचार अभियान में जुटने वाले हैं।


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