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ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

ब्रिटेन के किंग चार्ल्स पहले राजा हैं जिन्होंने यह बताया है कि वह कितना टैक्स देते हैं. अब अगर राजा टैक्स दे रहे हैं तो जाहिर है कि कमाते भी होंगे. आखिर यह कमाई कहां से और कैसे होती है? चलिए जानते हैं

ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है
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ब्रिटेन के किंग चार्ल्स पहले राजा हैं जिन्होंने यह बताया है कि वह कितना टैक्स देते हैं. अब अगर राजा टैक्स दे रहे हैं तो जाहिर है कि कमाते भी होंगे. आखिर यह कमाई कहां से और कैसे होती है? चलिए जानते हैं.

ब्रिटेन के आलीशान महलों में रहने वाले शाही खानदान के लोग ना सिर्फ राजसी ठाठ बाट से रहते हैं बल्कि दुनिया भर में इसी शानो शौकत के साथ यात्रा भी करते हैं. शाही खानदान के पास आने वाले धन की व्यवस्था थोड़ी जटिल है. यह बीते कई सदियों में विकसित हुई है. शाही परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस आमदनी और खर्च को ज्यादा पारदर्शी बनाना चाहते हैं हालांकि फिर भी बहुत सारा हिस्सा है जो निजी और गुप्त है.

राजा यानी ब्रिटेन के किंग को राष्ट्रप्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाने में आधिकारिक दायित्वों को पूरा करने, निजी खर्चे और परिवार के शाही कर्तव्योंके लिए कई तरीकों से धन मिलता है.

राजा के लिए सरकारी धन

हर साल राजा को सरकार की ओर से एक निश्चित धन मिलता है. ब्रिटेन की सरकार यह धन राजा और उनके परिवार को उनकी आधिकारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए देती है. इनमें शाही महल और उनके दूसरे आवासों और ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख और यात्रा के खर्चे भी शामिल हैं. हालांकि शाही परिवार के सदस्यों को इससे निजी तौर पर कोई आमदनी नहीं होती.

यह धन कितना होगा इसकी गणना क्राउन इस्टेट से होने वाले मुनाफे के आधार पर की जाती है. इसमें शाही परिवार के पास मौजूद ढेर सारी जमीनें और सागर के हिस्से शामिल हैं. कानूनी रूप से ये इस्टेट शाही परिवार की मिल्कियत हैं लेकिन 1760 में राजा ने इससे होने वाली आय को एक सालाना भुगतान के बदले ब्रिटेन की सरकार को दे दिया. इन्हें व्यापारिक तरीके से इस्तेमाल किया जाता है.

सरकारी फंड इन संपत्तियों से होने वाली आय का करीब 12 फीसदी होता है. हाल के वर्षों में यह सागर तट से दूर बनने वाली विंडफार्मों के लाइसेंस की वजह से काफी ज्यादा बढ़ी है 2025/26 में इसके जरिए शाही परिवार को करीब 13.21 करोड़ पाउंड की रकम मिली. 2026/27 में यह रकम 13.97 करोड़ पाउंड है.

2027 से 2032 में यह सरकारी धन घटा कर 10 करोड़ पाउंड कर दिया जाएगा. इसकी एक वजह यह है कि बकिंघम पैलेस की नई साजसज्जा के लिए 36.9 करोड़ पाउंड के रकम की जरूरत नहीं रहेगी. इसके साथ ही क्राउन इस्टेट के मुनाफे में भी कमी होने के आसार हैं क्योंकि विंडफार्मों की लीज में गिरावट आ रही है.

डची ऑफ लैंकस्टर

1399 से ही सत्तासीन राजा को डची ऑफ लैंकस्टर से आय होती है. यह इस्टेट करीब 41,910 एकड़ में फैला है. इनमें लंदन के मध्य और कुछ दूसरे शहरों में व्यापारिक इमारतें भी हैं. मार्च 2026 में इस संपत्ति की कीमत 68.73 करोड़ पाउंड आंकी गई.

राजा इसकी जमीन बेच कर कोई धन हासिल नहीं कर सकता हालांकि हर साल इस एस्टेट से होने वाले शुद्ध मुनाफे पर उसका अधिकार है. 2025/26 में यह मुनाफा करीब 2.52 करोड़ पाउंड था. राजा इस पैसे का इस्तेमाल अपने निजी घरों और शाही परिवार के उन सदस्यों की आय के लिए करता है. ये लोग शाही कामकाज में हिस्सा लेते हैं और उसके बदले आधिकारिक आवासों में रहते हैं. इन्हें बाहर से कमाई करने की इजाजत नहीं है.

फिलहाल इस लिस्ट में प्रिंसेस ऐन उनके छोटे भाई प्रिंस एडवर्ड और उनकी पत्नी, ड्यूक और डचेस ऑफ ग्लूसेस्टर, ड्यूक ऑफ केंट और प्रिंसेस अलेक्जैंड्रा शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की निजी आमदनी का मतलब है कि राजा पर कोई राजनीतिक दबाव या बाहरी प्रभाव का असर नहीं होगा.

चार्ल्स के छोटे बेटे प्रिंस हैरी और उनके भाई एंड्रयू माउंटबेटेन विंडसर अब भी शाही परिवार के सदस्य हैं. हालांकि उन्हें कोई सार्वजनिक धन नहीं मिलता क्योंकि ये दोनों उन शाही सदस्यों में नहीं हैं जिन्हें कोई आधिकारिक कर्तव्य निभाना हो.

राजा के पास निजी अघोषित संपत्तियां और निवेश भी हैं. इसके अलावा उन्हें स्कॉटलैंड के बालमोरल कासल और पूर्वी इंग्लैंड के सांदरिंघम से भी कमाई होती है. यहां से होने वाली आय को सार्वजनिक नहीं किया जाता है.

डची ऑफ कॉर्नवाल

1337 में बना डची ऑफ कॉर्नवाल शाही परिवार के वारिस के लिए आमदनी मुहैया कराता है. फिलहाल प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट को यह आमदनी मिलती है.

करीब 128,151 एकड़ का यह एस्टेट इग्लैंड और वेल्स में फैला है. इसकी संपत्ति का मूल्य मार्च 2026 के आखिर में करीब 1.2 अरब पाउंड था. विलियम को इसका विशुद्ध राजस्व हासिल होता है. 2025/26 में यह धन 2.155 करोड़ पाउंड था.

किंग चार्ल्स और शाही परिवार का टैक्स

कानून के मुताबिक ब्रिटेन के राजा को आयकर, पूंजी लाभ और विरासत टैक्स नहीं देना होता है. 1993 में क्वीन एलिजाबेथ अपनी मर्जी से आयक कर देने के लिए तैयार हुई थीं. उस वक्त शाही परिवार एक अलगाव के दौर से गुजर रहा हा था और उसकी छवि काफी बिगड़ गई थी. यह वही समय था जब चार्ल्स आधिकारिक रूप से अपनी पहली पत्नी प्रिंसेस डायना से अलग हुए. इसी समय एंड्रयू माउंटबेटेन विंडस अपनी पत्नी सारा फर्ग्युसन से अलग हुए और प्रिंसेस ऐन ने अपने पहले पति को तलाक दिया. आयकर के रूप में महारानी ने कितना धन दिया इसकी जानकारी कभी नहीं दी गई.

महारानी के वारिस चार्ल्स ने भी अपनी मर्जी से टैक्स दिया है. शुक्रवार, 3 जुलाई को इन रकमों की जानकारी पहली बार सार्वजनिक की गई. शाही अधिकारियों का कहना है कि चार्ल्स ने 2024/25 csx 1.29 करोड़ पाउंड टैक्स दिया जबकि 2023/24 में 1.17 करोड़ पाउंड. अधिकारियों के मुताबिक राजा बनने के बाद चार्ल्स 3 करोड़ पाउंड की रकम टैक्स में दे चुके हैं. इन भुगतानों से वह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले 100 लोगों में शामिल हो एक हैं. हालांकि इस टैक्स की गणना का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है.

इसी प्रिंस विलियम के कार्यालय ने बताया है कि उन्होंने 2024/25 में 77.6 लाख पाउंड और 2023/24 में 83.4 लाख पाउंड टैक्स दिया. वारिस बनने के बाद अब तक उन्होंने 2 करोड़ पाउंड टैक्स में दिया है.


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