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अमेरिकी अदालत के मामला खारिज किए जाने से गौतम अदाणी के खिलाफ केस बंद हुआ, कारोबार में बाधाएं भी दूर होंगी: कानूनी विशेषज्ञ

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट द्वारा आरोप खारिज करने से अब मामला पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और दुनिया भर में उनके बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों में आ रही कानूनी अड़चनें भी दूर हो गई हैं। यह जानकारी कानूनी विशेषज्ञों की ओर से मंगलवार को दी गई।

अमेरिकी अदालत के मामला खारिज किए जाने से गौतम अदाणी के खिलाफ केस बंद हुआ, कारोबार में बाधाएं भी दूर होंगी: कानूनी विशेषज्ञ
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अहमदाबाद। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट द्वारा आरोप खारिज करने से अब मामला पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और दुनिया भर में उनके बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों में आ रही कानूनी अड़चनें भी दूर हो गई हैं। यह जानकारी कानूनी विशेषज्ञों की ओर से मंगलवार को दी गई।

करंजावाला एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर और सीनियर एडवोकेट रायन करंजावाला ने कहा कि गौतम अदाणी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पूरी तरह से बंद हो चुकी है और उन्हीं तथ्यों के आधार पर इसे दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, "असल में इस मामले का नतीजा यह है कि गौतम अदाणी के लिए यह केस पूरी तरह से बंद हो गया है। इसे उनके खिलाफ दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता और अब वे बिना किसी रुकावट के अमेरिका समेत दुनिया के किसी भी देश में कारोबार करने के लिए आजाद हैं। उनके खिलाफ अब कोई भी मामला खुला नहीं है।"

करंजवाला ने कहा, "जब मैंने कुछ हफ्ते पहले आपको इंटरव्यू दिया था, तो मैंने कहा था कि मेरी नजर में डीओजे को गौतम अदाणी के खिलाफ केस वापस लेने की इजाजत मिल जाएगी और जज इजाजत दे देंगे। आखिरकार, हुआ भी यही कि जज ने इजाजत दे दी। गौतम अदाणी के खिलाफ केस वापस ले लिया गया है। गौतम अदाणी के खिलाफ केस अब बंद हो गया है और इन तथ्यों के आधार पर, इस केस को कभी भी दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता।"

वहीं, सीनियर एडवोकेट और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश का एक अहम पहलू यह है कि सरकार को केस बंद करने की मांग करने से पहले जांच एजेंसियों या प्रॉसिक्यूशन विंग से सलाह लेनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह आदेश बहुत अहम है और मेरी समझ से यह गेम-चेंजर है, क्योंकि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने यह महसूस करने के बाद इसे वापस लिया है कि यह मामला पहले कभी शुरू ही नहीं किया जाना चाहिए था।"

सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने इस आदेश को ग्लोबल स्तर पर काम करने वाली कंपनी के लिए बहुत अहम बताया।

मार्केट एनालिस्ट अरुण केजरीवाल ने कहा कि इस केस का भारत में ग्रुप के कामकाज पर बहुत कम असर पड़ा, क्योंकि जब अमेरिका में कानूनी कार्यवाही चल रही थी, तब भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और बिजनेस का विस्तार जारी रहा।

केजरीवाल ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि यह गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी जीत है।"

उन्होंने आगे कहा कि बिजनेसमैन के खिलाफ किसी भी तरह की न्यायिक सबूत न होने का मतलब है कि मार्केट में शामिल लोगों की नजर में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है।



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