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स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लॉन्च किया 10,000 करोड़ रुपए का 'स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0'

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लॉन्च किया 10,000 करोड़ रुपए का स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0
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नई दिल्ली। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया, और देश भर के स्टार्टअप्स के लिए वेंचर और ग्रोथ कैपिटल की उपलब्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ के नए फंड की घोषणा की।

यह कदम पहले वाले 'फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स' (एफएफएस 1.0) की सफलता के आधार पर उठाया गया है, जिसे 2016 में स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान के तहत शुरू किया गया था, ताकि स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग की कमी को दूर किया जा सके और घरेलू निवेश को बढ़ावा मिले।

नई योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपए की राशि को योग्य अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) के जरिए 16वें और 17वें वित्त आयोग के दौरान निवेश किया जाएगा।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से खासकर नए और तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप सेक्टर्स में पूंजी की पहुंच और मजबूत होगी।

यह फंड डीप टेक्नोलॉजी, शुरुआती ग्रोथ स्टेज के स्टार्टअप्स (खासकर छोटे एआईएफ द्वारा समर्थित), और टेक्नोलॉजी-आधारित व इनोवेटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देगा।

इसके अलावा, यह योजना किसी एक सेक्टर या स्टेज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर तरह के स्टार्टअप्स को फंडिंग देने का प्रयास करेगी, ताकि इनोवेशन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके।

एआईएफ के चयन के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई गई है। इसके लिए वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कमेटी (वीसीआईसी) बनाई जाएगी, जिसमें स्टार्टअप इकोसिस्टम के अनुभवी सदस्य शामिल होंगे और वही चयन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

इसके अलावा, योजना के सही क्रियान्वयन और प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए एक एम्पावर्ड कमेटी (ईसी) भी बनाई जाएगी।

इस योजना में सरकार और संस्थागत निवेशकों द्वारा सह-निवेश की भी व्यवस्था रखी गई है, साथ ही पारदर्शिता और सही प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) जल्द ही इस योजना के संचालन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिसमें वीसीआईसी की संरचना भी शामिल होगी।

सिडबी यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) को इस योजना का मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है और यह अधिसूचना के साथ ही योजना को लागू करना शुरू करेगा।

सरकार एक और घरेलू एजेंसी को भी नियुक्त करने की योजना बना रही है, ताकि इस योजना के कार्यान्वयन में सहयोग मिल सके।

एफओएफ 2.0 के तहत सरकार सेबी रजिस्टर्ड एआईएफ में निवेश करेगी, और ये एआईएफ आगे चलकर केंद्र द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में निवेश करेंगे।


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