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अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,388 अंक उछला

कारोबार के शुरुआती दौर में करीब 2,099 शेयर बढ़त में थे, जबकि 397 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 107 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। रुपये में भी मजबूती दिखाई दी और शुरुआती कारोबार में वह डॉलर के मुकाबले 14 पैसे चढ़कर 94.32 पर पहुंच गया।

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,388 अंक उछला
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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में चौतरफा खरीदारी नजर आई और बाजार के प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर पर खुले।

सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत

बीएसई सेंसेक्स 1,388.43 अंक यानी 1.80 फीसदी की बढ़त के साथ 78,689.83 पर खुला। एनएसई निफ्टी 382.15 अंक यानी 1.59 फीसदी चढ़कर 24,342.75 पर पहुंच गया। निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में 24,300 का अहम स्तर पार किया। बाजार की व्यापक चाल भी तेजी के पक्ष में रही। कारोबार के शुरुआती दौर में करीब 2,099 शेयर बढ़त में थे, जबकि 397 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 107 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। रुपये में भी मजबूती दिखाई दी और शुरुआती कारोबार में वह डॉलर के मुकाबले 14 पैसे चढ़कर 94.32 पर पहुंच गया।

इंडिगो और ऑटो शेयरों में खरीदारी

निफ्टी के प्रमुख लाभ कमाने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से विमान ईंधन की लागत घटने की उम्मीद ने विमानन क्षेत्र के शेयरों को सहारा दिया। इसी वजह से इंडिगो का प्रदर्शन खास तौर पर मजबूत रहा। मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी करीब 3 से 4 फीसदी तक तेजी दिखी। तेल की कीमतों में कमी से वाहन कंपनियों और पेंट निर्माताओं की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जबकि वित्तीय शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को बल दिया।

भारती एयरटेल में कमजोरी क्यों?

तेजी भरे बाजार में भारती एयरटेल का शेयर शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव में रहा। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजे आने से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। नतीजों को लेकर अनिश्चितता के कारण शेयर में मामूली गिरावट देखने को मिली। निफ्टी के कमजोर शेयरों में भारती एयरटेल के अलावा डॉ. रेड्डीज लैब्स, सिप्ला और कोल इंडिया शामिल रहे। हालांकि, बाजार की समग्र तेजी के मुकाबले इन शेयरों में गिरावट सीमित रही।

चुनाव नतीजों और तेल की कीमतों का असर

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद निवेशकों ने वैश्विक बाजारों में तेजी से प्रतिक्रिया दी। बाजार की उम्मीद है कि ईरान के साथ तनाव घट सकता है और संघर्ष खत्म होने की राह बन सकती है। इस संभावना से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं और कच्चे तेल की कीमतें दो महीने के निचले स्तर पर आ गईं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सस्ता कच्चा तेल महंगाई और आयात बिल के दबाव को कम कर सकता है। इससे अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत को राहत मिलने की उम्मीद रहती है। यही उम्मीद शेयर बाजार की तेजी के पीछे एक अहम कारण बनी।

वैश्विक बाजारों में भी तेजी

अमेरिकी बाजारों में चुनाव परिणामों के बाद मजबूती रही। एसएंडपी 500 में 1.6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जो करीब तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त बताई गई। टेक्नोलॉजी शेयरों वाला नैस्डैक 100 सूचकांक 0.9 फीसदी चढ़ा। एशिया में जापान और ऑस्ट्रेलिया के बेंचमार्क सूचकांक भी बढ़त में रहे। एमएससीआई एशिया पैसिफिक सूचकांक 0.3 फीसदी ऊपर गया। वैश्विक बाजारों की सकारात्मक चाल और तेल में गिरावट ने भारतीय शेयरों को शुरुआती कारोबार में मजबूत सहारा दिया।


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