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कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार लाल निशान में, सेंसेक्स 300 अंक फिसला

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला

कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार लाल निशान में, सेंसेक्स 300 अंक फिसला
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निफ्टी 100 अंक टूटा, आईटी शेयरों में चमक बरकरार

  • मिडकैप-स्मॉलकैप में बढ़त, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर दबाव में
  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी, घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा
  • एक्सपर्ट बोले—24,500 पर सपोर्ट, 25,000 के ऊपर ही बनेगा बुलिश ट्रेंड

मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।

इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद (80,015.90) से 356.91 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,658.99 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद (24,765.90) से 109.50 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 24,656.40 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.30 बजे के करीब) सेंसेक्स 316.09 अंकों यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,699.81 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 86.60 (0.35 प्रतिशत) अंक गिरकर 24,679.30 पर कारोबार करता नजर आया।

शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.48 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.23 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.02 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (0.85 प्रतिशत) में गिरावट दर्ज की गई।

ध्यान देने वाली बात है कि पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू बाजार लगातार चार दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए तेजी के साथ हरे निशान में खुला और अच्छी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 80,015.90 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 285.40 अंक या 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी में 24,550 से 24,500 का दायरा फिलहाल अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,850 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।

एक्सपर्ट के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 37.55 पर है, जो ओवरसोल्ड स्तर से ऊपर आने के बाद बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दे रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट शाह ने आगे कहा कि पिछले सत्र में विदेशी निवेशक (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में बिकवाली जारी रखते हुए करीब 3,752 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। दूसरी ओर घरेलू निवेशक (डीआईआई) ने सातवें दिन भी खरीदारी जारी रखी और 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर खरीदे। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार को कुछ सहारा मिला।

एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देना बेहतर रहेगा।

नई खरीदारी की रणनीति तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 25,000 के स्तर के ऊपर स्पष्ट और मजबूत ब्रेकआउट दे। ऐसा होने पर बाजार में तेजी की भावना मजबूत होगी और एक स्थायी बुलिश ट्रेंड बनने की पुष्टि हो सकती है।


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