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शेयर बाजार में जियो आईपीओ का करिश्मा: लिस्टिंग से पहले तोड़ डाले ये 3 रिकॉर्ड, बना देश का सबसे बड़ा आईपीओ

कंपनी के ₹30,213 करोड़ के सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को इश्यू खुलने के महज 100 मिनट के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने इश्यू के आकार, सब्सक्रिप्शन की रफ्तार और एंकर निवेशकों की मांग के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

शेयर बाजार में जियो आईपीओ का करिश्मा: लिस्टिंग से पहले तोड़ डाले ये 3 रिकॉर्ड, बना देश का सबसे बड़ा आईपीओ
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नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार में नए रिकॉर्ड बना रहा है। कंपनी के ₹30,213 करोड़ के सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को इश्यू खुलने के महज 100 मिनट के भीतर यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने इश्यू के आकार, सब्सक्रिप्शन की रफ्तार और एंकर निवेशकों की मांग के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू को मिली प्रतिक्रिया से रिलायंस के डिजिटल कारोबार में निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है। हालांकि, कंपनी के लिए आगे की बड़ी चुनौती अपने विशाल ग्राहक आधार को डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में अधिक कमाई में बदलने की होगी।

हुंडई को पीछे छोड़ सबसे बड़ा आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ मूल्य के लिहाज से भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने जा रहा है। इसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ को पीछे छोड़ दिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। ऊपरी कीमत के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। इस इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर शामिल हैं। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी मौजूदा निवेशक इसमें अपने शेयर बेचकर बाहर नहीं निकल रहे हैं। कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली राशि में से ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या उसका समय से पहले भुगतान करने में करने की है। शेष रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च की जाएगी।

100 मिनट में पूरा हुआ सब्सक्रिप्शन

जियो आईपीओ का दूसरा बड़ा रिकॉर्ड इसकी सब्सक्रिप्शन गति से जुड़ा है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, इश्यू खुलने के 100 मिनट के भीतर कुल उपलब्ध शेयरों के मुकाबले निवेशकों की बोलियां पूरी तरह सब्सक्रिप्शन के स्तर तक पहुंच गईं। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में भी शुरुआत से मजबूत मांग देखने को मिली। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पहले 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। आधे घंटे से भी कम समय में इस श्रेणी की मांग लगभग दोगुनी हो गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अंततः QIB श्रेणी 2.86 गुना सब्सक्राइब हुई। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों में पूरे इश्यू का सब्सक्रिप्शन 0.83 गुना दर्ज किया गया था। बाद में मांग बढ़ने के साथ आईपीओ पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।

एंकर निवेशकों ने दिखाई रिकॉर्ड दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों की ओर से जोरदार मांग देखने को मिली। कंपनी की ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। यह उपलब्ध शेयरों की तुलना में 30 गुना से अधिक मांग को दर्शाता है। एंकर निवेशकों को ₹1,119 प्रति शेयर की कीमत पर शेयर आवंटित किए गए। आवंटन 212 निवेशक खातों और योजनाओं को किया गया। इसमें वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधकों, सॉवरेन वेल्थ फंड, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भाग लिया। निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), ब्लैकरॉक, फिडेलिटी, सिंगापुर का GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, BNP परिबास, एलियांज और जेपी मॉर्गन जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। घरेलू म्यूचुअल फंड योजनाओं को लगभग ₹2,785 करोड़ मूल्य के शेयर आवंटित हुए, जबकि बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को करीब ₹1,090 करोड़ के शेयर मिले।

टेलीकॉम से आगे डिजिटल तकनीक पर नजर

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी कंपनी को केवल दूरसंचार कारोबार तक सीमित नहीं मानते। उनका कहना है कि कनेक्टिविटी कंपनी का शुरुआती उत्पाद था, जिसके आधार पर अब डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और AI जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया जा रहा है। यह आईपीओ लगभग दो दशकों में रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की पहली बड़ी सार्वजनिक पेशकश के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निवेशकों की मजबूत मांग के बावजूद कंपनी की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह तकनीकी सेवाओं से कितनी कमाई कर पाती है और अपने कारोबार की लाभप्रदता को किस तरह बढ़ाती है।


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