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मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 76,000 के ऊपर

मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में हरे निशान में खुला। सुबह 9:24 पर सेंसेक्स 213 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,080 और निफ्टी 44 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,951 पर था।

मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 76,000 के ऊपर
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मुंबई। मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में हरे निशान में खुला। सुबह 9:24 पर सेंसेक्स 213 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,080 और निफ्टी 44 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,951 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटी हरे निशान में थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी पीएसई और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लाल निशान में था।

मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 18 अंक की मामूली मजबूती के साथ 62,578 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 50 अंक की तेजी के साथ 18,345 पर था।

सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, ट्रेंट, एचसीएल टेक, टीसीएस, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, एचयूएल और टाइटन गेनर्स थे। भारती एयरटेल, आईटीसी, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। हालांकि, शंघाई लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को हरे निशान में बंद हुए थे। डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ और नैस्डैक 0.91 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।

भारत के साथ वैश्विक बाजारों में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान में शांति के लिए बातचीत आगे बढ़ना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर के एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।

रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस समझौते का मकसद सीजफायर को बढ़ाने के साथ परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू होना है। साथ ही, इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर भी बातचीत होगी।

इस कारण से कच्चे तेल में गिरावट देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 87.88 डॉलर प्रति औंस और ब्रेंट क्रूड 0.85 प्रतिशत की गिरावट 91.94 डॉलर प्रति औंस पर था।



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