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केंद्र ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं

केंद्र सरकार ने मंगलवार से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। हालांकि, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है।

केंद्र ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। हालांकि, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है।

विंडफॉल गेन टैक्स की समीक्षा हर 15 दिन में की जाती है और कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर भी इसका निर्धारण किया जाता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि सरकार ने डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को बढ़ाकर 14 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जो कि पहले 13.5 रुपए प्रति लीटर था। वही, एटीएफ पर एसएईडी को बढ़ाकर 12.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जो कि पहले 9.5 रुपए प्रति लीटर है।

हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 1.5 रुपए प्रति लीटर पर जारी रखा गया है।

सरकार ने घरेलू खपत के लिए उपयोग होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है और इससे घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसके कारण सरकार ने 26 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लगाने का फैसला किया था। 16 मई को पेट्रोल पर निर्यात शुल्क लगाया गया था।

विंडफॉल टैक्स के जरिए सरकार की कोशिश घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखना था।

इस कदम का मकसद निर्यातकों को कीमतों के अंतर का गलत फायदा उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं साथ ही, इसका उद्देश्य वेस्ट एशिया संकट के बीच निर्यात को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना है।


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