केंद्र ने किसानों की मदद के लिए 4,886 करोड़ रुपए के पैकेज को दी मंजूरी, सूरजमुखी और चना की होगी खरीद
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लाभ के लिए 4,886.46 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी है

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को किसानों के लाभ के लिए 4,886.46 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सूरजमुखी और अधिक चना की खरीद करना है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए रबी 2026 सीजन के लिए 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद की अनुमति दी है। इस खरीद का कुल एमएसपी मूल्य 69.66 करोड़ रुपए से अधिक है। इस फैसले से कर्नाटक के सूरजमुखी किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
यह कदम उन किसानों के लिए खास है, जिन्हें अक्सर बाजार की खराब स्थिति के कारण अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ती है। एमएसपी खरीद की मंजूरी से अब किसानों को मजबूरी में सस्ती बिक्री से बचाव मिलेगा। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
एक अन्य बड़े फैसले में केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत रबी 2025–26 सीजन के लिए चने की अधिकतम खरीद सीमा को बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दिया गया है। इस निर्णय का कुल एमएसपी मूल्य 4,816.80 करोड़ रुपए से अधिक है।
सरकार ने महाराष्ट्र में चने की खरीद अवधि को 30 दिन बढ़ाकर 29 मई तक कर दिया है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो पहले तय समय सीमा में अपनी फसल नहीं बेच पाए थे। अब अधिक किसान एमएसपी का लाभ ले सकेंगे और कम कीमत पर बिक्री से बच सकेंगे।
सरकार के अनुसार, ये सभी फैसले किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने और उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए हैं। खरीद प्रक्रिया को बढ़ाकर और समय सीमा बढ़ाकर सरकार एक सुरक्षित और स्थिर कृषि व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है।
इन कदमों से किसानों को सीधी आर्थिक मदद मिलने के साथ-साथ उनकी एमएसपी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा। इससे किसानों को नुकसान वाले सौदों से बचाया जा सकेगा और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों को उचित दाम दिलाना उसकी प्राथमिकता है और ये फैसले कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता लाने में मदद करेंगे।


