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सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 26 में साइन किए 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट, व्यापार में आसानी में होगा सुधार

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (एपीए) साइन किए हैं यह किसी एक वित्त वर्ष में एपीए साइन करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है

सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 26 में साइन किए 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट, व्यापार में आसानी में होगा सुधार
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नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (एपीए) साइन किए हैं यह किसी एक वित्त वर्ष में एपीए साइन करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इससे पहले के वित्त वर्ष 2024-25 में सीबीडीटी ने 174 एपीए साइन किए थे। अब तक कुल 1,034 एपीए साइन कर लिए गए हैं।

इनकम टैक्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया कि सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए, जो किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। इसने पिछले वर्ष हस्ताक्षरित 174 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स के रिकॉर्ड को पार कर लिया है और पहली बार कुल संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है।

पोस्ट में आगे बताया गया कि एपीए कार्यक्रम की सफलता ने भारत सरकार के व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से सीमा पार लेनदेन में जुड़ी बहुराष्ट्रीय उद्यमों के लिए।

एपीए कार्यक्रम, सेफ हार्बर नियमों के साथ मिलकर, कर संबंधी निश्चितता प्रदान करता है, विवादों को कम करता है और एक पारदर्शी और विश्वास पैदा करने वाली कर व्यवस्था को मजबूत करता है।

एपीए करदाता (आमतौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनी) और कर अधिकारियों (जैसे भारत में सीबीडीटी) के बीच एक औपचारिक समझौता है। यह एक निश्चित भविष्य की अवधि के लिए 'ट्रांसफर प्राइसिंग' (जुड़ी कंपनियों के बीच लेनदेन) के तौर-तरीकों को पहले ही तय करता है, जिससे भविष्य के टैक्स विवादों और दोहरे कराधान से बचा जा सके।

उदाहरण के लिए भारत में एक कंपनी अपनी विदेशी शाखा से सामान खरीदती है। एपीए के तहत पहले ही तय कर लिया जाएगा कि उस सामान की कीमत किस फार्मूला से तय होगी, ताकि बाद में टैक्स को लेकर विवाद न हो।


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