Top
Begin typing your search above and press return to search.

एआई और डिजिटल तकनीक एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यातकों को नई ताकत दे सकती है: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकें एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं

एआई और डिजिटल तकनीक एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यातकों को नई ताकत दे सकती है: पीयूष गोयल
X

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकें एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार-आधारित और तकनीक-संचालित विकास को गति देने के लिए सरकार और टेक कंपनियों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता है।

गोयल ने बताया कि उन्होंने गूगल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट (ऐड एंड कॉमर्स) विध्या श्रीनिवासन और गूगल इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने किया। इस दौरान अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में एआई और डिजिटल तकनीकों के व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि एआई-आधारित समाधान अपनाकर छोटे कारोबारों, स्टार्टअप और निर्यातकों को डिजिटल बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है और उनके विकास को नई गति दी जा सकती है।

पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एआई को तेजी से अपनाने, डिजिटल स्किलिंग को बढ़ावा देने, बाजार तक पहुंच आसान बनाने और तकनीक-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने गूगल की वाइस प्रेसिडेंट विध्या श्रीनिवासन और गूगल इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। चर्चा का केंद्र एआई और डिजिटल तकनीकों के जरिए एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों को सशक्त बनाना रहा।"

गोयल ने कहा कि सरकार और प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच बेहतर सहयोग से एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है, जिससे भारतीय कारोबार उभरती तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकेंगे और नए विकास के अवसर हासिल कर सकेंगे।

उन्होंने कहा, "हमने एआई अपनाने में तेजी लाने, डिजिटल स्किलिंग को मजबूत करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और नवाचार-आधारित, तकनीक-संचालित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया।"

इससे पहले सोमवार को ही पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत द्वारा किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को नई गति दे रहे हैं और युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

आईआईएम उदयपुर के ऑनलाइन द्विभाषी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कार्यक्रम के उद्घाटन को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे व्यावहारिक कौशल विकसित करें और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाएं, ताकि इन उभरते अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it