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बीएसयूपी मकानों से बेदखल परिवारों का प्रदर्शन

रायपुर ! राज्य सरकार छोटी लाइन पर एक्सप्रेस वे बना रही है इसके लिए इसके आसपास बसे झुग्गीवासियों को नगर निगम और जिला प्रशासन हटाकर गरीबों के लिए बनाए गए बीएसयूपी के मकानों में व्यवस्थापन दे रहा है।

बीएसयूपी मकानों से बेदखल परिवारों का प्रदर्शन
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पीडि़तों की रैली को पुलिस ने रोका, झूमाझटकी
द्य निगम पर जबरिया कार्रवाई का लगाया आरोप

रायपुर ! राज्य सरकार छोटी लाइन पर एक्सप्रेस वे बना रही है इसके लिए इसके आसपास बसे झुग्गीवासियों को नगर निगम और जिला प्रशासन हटाकर गरीबों के लिए बनाए गए बीएसयूपी के मकानों में व्यवस्थापन दे रहा है। लेकिन मकानों के निर्माण के साथ ही इन मकानों को निगम के दलालों ने फर्जी रसीद काटकर एवं 50 हजार से 1 लाख रूपए तक लेकर आंबांटित कर दिया। जिला प्रशासन और निगम की टीम अब ऐसे सभी लोगों को खदेड़ रही है। इस अभियान में सड्ड् से हटाए गए 55 से 60 परिवार 24 दिन से धरना पर बैठे हुए जो आज मुख्यमंत्री को अपना दुखड़ा सुनाने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हे बीच में ही रोक लिया इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों नें महिलाओं एवं बच्चों पर लाठी प्रहार करने का आरोप लगाया है। बीएसयूपी के सड्डू मेे निर्मित मकानों से खदेड़े गए पीडि़त परिवारों के सदस्यों ने आज रैली निकाली और मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया महिलाए एवं बच्चे नारेबाजी करते हुए धरना स्थल से निकले लेकिन श्याम टाकीज के पास ही बेरिकेटेस लगाकर तैनात पुलिस ने उन्हे रोक लिया इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो पुलिस के साथ उनकी झूमाझटकी हुई जिसके बाद हताश गरीब वहीं धरने पर बैठ गए जिन्हें पुलिस खदेड् दिया। बीएसयूपी आवास सड्डू पीडि़त परिवार की अध्यक्ष प्रीति सागर एवं माला बंजारे ने बताया कि जिन 60 परिवारों को अपात्र एवं कब्जाधारी बताकर आवास से हटाया गया है। उन सभी के पर नगर निगम की पर्ची है कि उन्हे वहां मािन आबंटित किए गए है। प्रभावितों में केलकरपारा चंडी नगर एवं खाला बाड़ा क्षेत्र के लोग है जो काफी समय से इन क्षेत्रों से हाटए जाने के बाद वहंां रह रहे थे लेकिन निगम ने उन्हे अवैध रूप से कब्जा बताकर हटा दिया है। जिससे वे सभी बेघर हो चुके और खुले आसमान पर जीवन बिताने मजबूर है। बीएसयूपी आवास सड्डू के पीडि़त की अध्यक्षा प्रीति सागर ने बताया की प्रदेश सरकार एक ओर महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण की बात करती है। राशन कार्ड आदी में मुखिया बना कर महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की बड़ी बात कर। इन महिलाओं को इनके मौलिक अधिकार से वंचित किये जाने का प्रयास करती है। चिंताजनक बात तो यह है कि प्रदेश के बाग्लादेशी शरणाथियों व पाकिस्तानियों को अपना मान रही है। तथा मूल छत्तीसगढिय़ों को इनके मौलिक अधिकार से वंचित कर छत्तीसगढिय़ा विरोधी कार्य करती है। गरीब महिलाओं को इसके मौलिक अधिकारी की पूर्ति शासन प्रशासन द्वारा नहीं किय जाने व महिलाओं, बच्चों के साथ लाठी-चार्ज किए जाने के विरोध में कल से आमरन अनशन किया जाएगा। आज के धरना प्रदर्शन महिलाए मौजूद थी।


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