बड़ा भाई नहीं मिला तो छोटे को उतारा मौत के घाट,कुल्हाड़ी से काटी गर्दन
बड़ामलहरा ! थाना इलाके के धनगुवां गांव में विगत 29 फरवरी की रात गांव के ही 5 लोग सुनियोजित साजिश के तहत खेत पर कुल्हाड़ी लेकर हत्या करने के मकसद से पहुंचे थे।

बड़ामलहरा ! थाना इलाके के धनगुवां गांव में विगत 29 फरवरी की रात गांव के ही 5 लोग सुनियोजित साजिश के तहत खेत पर कुल्हाड़ी लेकर हत्या करने के मकसद से पहुंचे थे। वे धनगुवां गांव के प्रेमलाल अहिरवार नामक शख्स को मौत के घाट उतारना चाहते थे लेकिन जब उन्हें खेत पर प्रेमलाल नहीं मिला तो उन लोगों ने खेत पर मौजूद उसके छोटे भाई रामकिशोर उर्फ मुन्नू अहिरवार की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर नृशंस हत्या कर दी थी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी घटनास्थल से अपने.अपने घर चले गए थे। प्रेमलाल की करतूतें उसके परिवार को समाज से न केवल दूर कर रहीं थीं बल्कि समाज में बदनामी हो रही थी। यही वजह है कि मृतक के चचेरे भाई सुनील ने प्रेमलाल की हत्या करने की योजना बनाई थी।
टीआई जीतेंद्र वर्मा के मुताबिक मृतक रामकिशोर उर्फ मुन्नू के बड़े भाई प्रेमलाल के एक हत्यारोपी की बहन और भाभी से लंबे अर्से से नाजायज रिश्ते थे। मौक ा मिलते ही अक्सर प्रेमलाल हत्यारोपी की भाभी तो कभी बहन के पास अय्याशी के मकसद से आता जाता रहता है। यह बात न सिर्फ हत्यारोपी बल्कि उसके नजदीकी दोस्तों को भी काफी समय से खटक रही थी। प्रेमलाल की अय्याशियों पर अंकुश लगाने का जब कोई और रास्ता नजर नहीं आया तो हत्यारोपियों ने प्रेमलाल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया था। आरोपियों को जब खेत पर प्रेमलाल नहीं मिला तो बदले की आग में जल रहे आरोपियों ने उसके छोटे भाई रामकिशोर को उसकी गर्दन कुल्हाड़ी से काटकर कू्ररतम तरीके से मार डाला था। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीके एस परिहार के मार्गदर्शन तथा बड़ामलहरा एसडीओपी पीके सारस्वत और टीआई जीतेंद्र वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के इल्जाम में धनगुवां गांव के गनेश अहिरवार, सुनील अहिरवार, सोनू आदिवासी, भरत को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी छोटू आदिवासी फरार है। पकड़े गए हत्यारोपियों को पुलिस ने आज अदालत में पेश किया जहां से वे जेल भेज दिए गए। हत्या की वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी भरत की पुलिस को तलाश है। पुलिस बयान के मुताबिक टीआई जीतेंद्र वर्मा के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर श्रीराम सिंह, एएसआई भान सिंह घोष, आरक्षक गजराज सिंह, सरमन अहिरवार, रुद्रप्रताप सिंह, रुद्रेश गोस्वामी, आरक्षक वाहन चालक चरण यादव ने किया।


