महाठगी करने वाले वेबवर्क के दोनों आरोपी गिरफ्तार
नोएडा ! सोशल ट्रेडिंग का झांसा देकर लाखों निवेशकों से करीब पांच सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने वेबवर्क कंपनी के दोनों निदेशकों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

नोएडा ! सोशल ट्रेडिंग का झांसा देकर लाखों निवेशकों से करीब पांच सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने वेबवर्क कंपनी के दोनों निदेशकों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अनुराग गर्ग (35) और संदेश वर्मा हैं। इनके खिलाफ एक निवेशक की शिकायत पर 13 फरवरी को कोतवाली सेक्टर-20 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को दोनों आरोपी एसएसपी से मिलने के लिए सुरजपुर स्थित कार्यालय पहुंचे थे। एसएसपी धर्मेन्द्र सिह ने दोनों आरोपियों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
दोनों आरोपी कंपनी से लेते थे दो लाख रुपए प्रति माह वेतन
मूलरूप से नेहरू नगर मेरठ का रहने वाला आरोपी अनुराग गर्ग बीबीए पास है। अभी वह गाजियाबाद के क्रासिंग रिपब्लिक में रहता है। सितम्बर 2017 में वेबवर्क कंपनी को स्थापित किया, जिसमें निदेशक था। वह कंपनी से दो लाख रुपए महीने वेतन के रूप में लेता था। दूसरा आरोपी संदेश वर्मा मूलरूप से गांव बरला मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। वह दिल्ली के लाजपत नगर स्थित अमर कॉलोनी में रहता है। डायमंड इंस्टीट्यूट गुजरात से डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाला संदेश वर्मा भी कंपनी में निदेशक था। उसके पिता सुशील वर्मा यूपी रोडवेज में कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे। एड्सबुक डॉट कॉम कंपनी इसने दिसम्बर 2010 में लांच की थी। संदेश वर्मा भी कंपनी से दो लाख रुपए वेतन के रूप में लेता था।
स्थानीय पुलिस के साथ टीम कर रही पूछताछ
उधर, एसपी सिटी दिनेश यादव ने कहा कि वेबवर्क फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद के रहने वाले अमित किशोर जैन ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। अमित किशोर ने पौंजी स्कीम के तहत छह आईडी के लिए कंपनी में 3.45 लाख रुपए निवेश किया था, लेकिन रीफंड नहीं आ रहा था। एसपी सिटी ने कहा कि अभी केवल एक ही मामले में केस दर्ज है और उसी मामले में गिरफ्तारी हुई है। अगर आगे पीडि़त सामने आते हैं तो केस दर्ज होगा। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है।


