किताबें स्कूल और विद्यार्थी का भविष्य : डॉ योगिता बाजपेई
मोहनयश फाउंडेशन और लिटिल स्कॉलर्स स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में भाटापारा में साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिये एक नि:शुल्क सेमिनार आयोजित किया

भाटापारा। मोहनयश फाउंडेशन और लिटिल स्कॉलर्स स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में भाटापारा में साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिये एक नि:शुल्क सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें साक्षरता और शिक्षा के पावन उद्देश्यों को परिभाषित करते हुए सेमिनार की मुख्य वक्ता डॉ योगिता बाजपेई (शिक्षाविद, नीट एक्सपर्ट ,लेखिका और समाज सेविका) ने अपने संबोधन में कहा कि आज कक्षाओं में देश का भविष्य तो लिखा जा रहा है पर लेखनी को अभी अत्यधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है।
तमाम समस्याओं के बावजूद विद्यार्थियों को अपने भविष्य की नींव रखने के लिये जीवन में विद्यालय तो सिफ़र् एक बार ही मिलता है महाविद्यालय तो आप फिर भी दोहरा सकते हैं पर विद्यालय का जीवन तो एक बार ही सामान्यतया संभव होता है।आज किताबें अपने पाठक से बिछड़ गई हैं।
और भटकाव के कई रास्ते दिख रहे हैं फिर चाहे वो मोबाईल हो या इंटरनेट या उद्देश्य हीन सामाजिक ताना बाना ।लेकिन विद्या के मार्ग में सफलता आज भी किताबों से गुजरती है और इसके लिए उसमें लिखे शब्दों को समझ कर आत्मसात करना पड़ता है।
इस अवसर पर डॉ बाजपेई ने दैनिक जीवन के उदाहरणों से विद्यार्थियों की किताबों में दिये ह्व1 किरणों और & रेज़ के जटिल तथ्यों को सरल कर के समझाया कि कांसेप्ट की पूरी समझ ही सफलता का मार्ग तय करती है।
सेमिनार अत्यधिक सफल रहा और सभी ने इसका भरपूर लाभ उठा कर भविष्य में भी ऐसे सफल आयोजनों की पुनरावृत्ति का निवेदन किया।इस अवसर पर कमलाकांत शुक्ल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनीष शुक्ल, लिटिल स्कॉलर्स स्कूल की संचालिका श्रीमति अंजली शुक्ला, अनुभवी शिक्षक श्री कन्हैया साहू जी एवं मोहनयश फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री मनीष बाजपेई जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को संजीवनी प्रदान की।
सेमिनार में शहर के जिन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभागिता दज़र् की उनमें प्रमुख हैं - सेंट मेरी स्कूल, मयूर शिशु मंदिर,गुरुकुल विद्यालय, अम्बुजा विद्या पीठ ,डी ए वी एवं जीसस स्कूल।कार्यक्रम का समापन श्री मनीष बाजपेई जी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।


