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मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में रानी मुखर्जी को मिला सम्मान, मेरे किरदारों ने मुझे बेहतर इंसान बनाया

अभिनेत्री रानी मुखर्जी को हाल ही में भारतीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) में बेहतरीन एक्टिंग के लिए साइटेशन से सम्मानित किया गया है। इसे लेकर अभिनेत्री का मानना है कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें ऐसी महिलाओं का किरदार निभाने का मौका मिला जो खुलकर हंसीं, दिल से प्यार किया, बेधड़क लड़ाई लड़ी और कभी खुद पर भरोसा करना नहीं छोड़ा।

मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में रानी मुखर्जी को मिला सम्मान, मेरे किरदारों ने मुझे बेहतर इंसान बनाया
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मुंबई। अभिनेत्री रानी मुखर्जी को हाल ही में भारतीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) में बेहतरीन एक्टिंग के लिए साइटेशन से सम्मानित किया गया है। इसे लेकर अभिनेत्री का मानना है कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें ऐसी महिलाओं का किरदार निभाने का मौका मिला जो खुलकर हंसीं, दिल से प्यार किया, बेधड़क लड़ाई लड़ी और कभी खुद पर भरोसा करना नहीं छोड़ा।

रानी मुखर्जी ने अपने करियर में अलग-अलग तरह की फिल्में की हैं और समकालीन हिंदी सिनेमा की कुछ सबसे यादगार महिला किरदार निभाए हैं।

ब्लैक, हम-तुम, युवा, बंटी और बबली, नो वन किल्ड जैसिका, हिचकी, मर्दानी और मिसेज चटर्जी वसेज नोर्वे जैसी फिल्मों में उनके काम ने एक अभिनेत्री के तौर पर उनके शानदार सफर को दिखाया है। साथ ही, यह भी साबित किया गया है कि वह आज भी अच्छी कहानियां बताने में माहिर हैं।

अभिनेत्री ने अपना करियर याद करते हुए कहा, "जब मैंने एक छोटी लड़की के तौर पर इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मेरी फिल्में और वे किरदार, जिन्हें निभाने का मुझे सौभाग्य मिला है, ये सब मुझे समंदर पार ले जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश के लोग मुझे इतने प्यार से अपनाएंगे।"

रानी मुखर्जी ने कहा, "सिनेमा से दुनियाभर के लोगों का मनोरंजन करना इस प्रोफेशन का मुझे दिया गया सबसे बड़ा तोहफा है। ऑस्ट्रेलिया ने हमेशा मेरा और इंडियन सिनेमा का खुले हाथों से स्वागत किया है। यह एक ऐसी जगह बन गई है, जहां कहानी सुनाने के जरिए कल्चर मिलते हैं, जहां फिल्में हमें याद दिलाती हैं कि भावनाओं को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती और प्यार, हंसी और उम्मीद एक ऐसी भाषा बोलते हैं जिसे हम सब समझते हैं।"

अभिनेत्री ने कहा कि एक एक्टर के तौर पर वे कैमरे के सामने परफॉर्म करती हैं, लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है, जब वह परफॉर्मेंस किसी के दिल तक पहुंचती है। उन्होंने कहा, "ये जानकर बहुत अच्छा लगता है कि पिछले 30 वर्षों में मेरी फिल्में, किरदार और आवाज घर से इतनी दूर तक पहुंची और आप लोगों की जिंदगी में अपनी जगह बना पाईं।"

अभिनेत्री ने बताया कि वे खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि उन्हें ऐसी महिलाओं का किरदार निभाने का मौका मिला जो खुलकर हंसीं, दिल से प्यार किया, निडर होकर लड़ीं और कभी खुद पर यकीन करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, "कई मायनों में हर किरदार ने मुझे थोड़ा बदला है। उन्होंने मुझे एक बेहतर एक्टर बनाया, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी बात ये है कि उन्होंने मुझे एक बेहतर इंसान बनाया।"

मेलबर्न का भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएम) 2026 का 17वां संस्करण 13 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।



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