मस्तूरी ब्लॉक का सबसे अच्छा विद्यालय है बम्हनीकला,सरकार से मिल सकता है पुरस्कार
सीपत ! मस्तूरी विकासखण्ड सीपत संकुल के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम बम्हनीकला में मॉडल विद्यालय है।

सीपत ! मस्तूरी विकासखण्ड सीपत संकुल के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला ग्राम बम्हनीकला में मॉडल विद्यालय है। जहाँ सारी सुविधाएं होने के बावजूद भी अभी तक यह शाला राज्य शासन से पुरस्कृत नही किया गया। हर क्षेत्र में यह विद्यालय ब्लॉक का सबसे बेहतर मॉडल विद्यालय है। प्रा. शाला बम्हनीकला में कुल 62 विद्यार्थियों के बीच में दो शिक्षक सुखीराम पुलस्त प्रधानपाठक व मुन्नालाल पटेल द्वारा यहाँ अध्यापन कार्य कराया जाता है। जी हाँ यही है मस्तूरी विकासखण्ड का वह शाला जहां प्रतिरोज 62 विद्यार्थियों में से 60-61विद्यार्थियों की उपस्थिति हमेशा बनी रहती है। साथ ही साथ प्रा. शाला बम्हनीकला से दो छात्र कु. सरोजनी बिंझवार, विरेन्द्र कुमार उइके ने भी परीक्षा पास कर नवोदय विद्यालय में अपना स्थान बनाया है।
प्रधानमन्त्री शिक्षा गुणवत्ता योजना के अंतर्गत यहाँ देखा जाय तो प्रत्येक छात्रों को करीब बारह तेरह तक पाहड़ा, पेंटिंग, टाइपिंग, स्पेलिंग की जानकारी से यहाँ शिक्षा की बेहतर स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। विशेष बात तो यह है कि इस शाला के विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा के द्वारा अंग्रेजी का उच्चाण सिखाया जाता है। मध्यान्ह भोजन की ओर देखा जाय तो दो रसोइया के द्वारा प्रतिदिन मीनू के अनुसार स्थानीय तौर पर जो शाला की बागवानी में उपलब्ध है छात्रों को दिया जाता है। यह विद्यालय स्वच्छता के क्षेत्र में भी स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार कर विकासखण्ड में प्रथम स्थान पर है। प्रा शाला बम्हनीकला में कुल छ: कमरे पूर्णत: फ्लोरिंग, सूक्तियों व दीवारों पर महापुरुषों की फ़ोटो से सुसज्जजित है। विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की भी समुचित व्यवस्था है। समीप के आंगनबाड़ी का भी हर तरह शैक्षणिक कार्य में विशेष योगदान रहता है। मतलब इतनी सभी सुविधाएं व हर क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद यह शाला अभी तक राज्य शासन से पुरस्कार पाने की अपेक्षा लगाये बैठे हंै। शाला प्रबन्धन समिति अध्यक्ष मोहनलाल पुलस्त ने बताया कि मध्यान्ह भोजन के लिए नल, प्रोजेक्टर विधि, स्थाई बाउंड्रीवाल सहित भविष्य के लिए और कई योजना है। वही प्रधानपाठक सुखीराम पुलस्त का कहना है कि शाला के बेहतर विकास कार्य में शाला प्रबन्धन एवम् पालकों के आर्थिक सहयोग से फ्लोरिंग, वाटरटैंक, स्टेज आदि का निर्माण किया गया है।
गढ्ढे में किया जाता है पानी का संग्रहण
छात्रों द्वारा नल के समीप में व्यर्थ पानी के बचाव के लिए एक गड्ढा खोदकर पानी को एकत्र कर पुन: इसे स्कूल की बाग बगीचा जिसमे आम, अमरुद, आंवला, पपीता, मूंगा सहित कई आयुर्वेदिक औषधि के पौधों में सींचकर फिर इसे मध्यान्ह भोजन में उपयोग लाया जा रहा है।
उत्कृष्ट मॉडल शाला के नाम पर हो चुका है सम्मानित
प्रा. शाला बम्हनीकला संकुल स्तर पर कई बार उत्कृष्ट शाला के नाम पर पुरस्कृत हो चुका है। संकुल स्तरीय खेल के क्षेत्र में भी कबड्डी में प्रथम स्थान व फुगडी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
तीन रंगों में पुताई देता है अलग पहचान
एसएमसी व शिक्षको के द्वारा स्कुल के चारो ओर कराये गए बाउंड्रीवाल में तिरंगे के समान तीन रंग की पुताई एक अलग सन्देश दे रहा है।
प्रोत्साहित होने पर होगा नई ऊर्जा का संचार
शिक्षकों ने बताया कि यदि गणतंत्र दिवस के अवसर पर शासन द्वारा हमारे शाला को सम्मानित कर दिया जाय तो हम और बेहतर शाला विकास में अपनी सहभागिता देंगे।
शिक्षक व पालकों में समर्पण की भावना
प्रा. शाला बम्हनीकला में कॉफी दिनों से यहां की शिक्षा की स्थिति बेहतर करने लिए यहाँ के शिक्षक व पालकों ने विद्यालय के प्रति समर्पण भावना से कार्य किया है। यदि यह शाला शासन द्वारा प्रोत्साहित किया जाय तो और भी विकास कार्य होंगे।
प्रमोद कुमार पाण्डेय
शैक्षणिक संकुल समन्वयक
सीपत


