Top
Begin typing your search above and press return to search.

भाजपा सांसदों ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था का मुद्दा कभी नहीं उठाया : आप

राष्ट्रीय राजधानी की लचर होती जा रही कानून-व्यवस्था को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सत्तारूढ़ आप ने भाजपा सांसदों पर 5 सालों में बढ़ते अपराध का मुद्दा संसद में कभी नहीं उठाने का आरोप लगाया

भाजपा सांसदों ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था का मुद्दा कभी नहीं उठाया : आप
X

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की लचर होती जा रही कानून-व्यवस्था को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को भाजपा सांसदों पर बीते पांच सालों के दौरान शहर में बढ़ते अपराध का मुद्दा संसद में कभी नहीं उठाने का आरोप लगाया। आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जरूरत इस बात की है कि भाजपा के सातों सांसद अपने घर, आरामगाह से निकलें और जिम्मेदारी लें।

उन्होंने कहा, "दिल्ली ने इस साल दूसरी बार भाजपा के सात सांसदों को चुना है। बीते पांच साल में इन में से किसी ने सुरक्षा का मुद्दा कितनी बार संसद में उठाया है? एक बार भी नहीं।"

मीडिया से मुखातिब आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि हाल यह है कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता का परिवार तक सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने कहा, "नेता प्रतिपक्ष की पत्नी शोभा गुप्ता जो एमसीडी की पार्षद रह चुकी हैं, मंडी हाउस इलाके के बाजार में दिनदहाड़े लूटपाट का शिकार हो गईं।"

आतिशी ने सवाल उठाया, "उनकी कार रुकी और उन्होंने बाहर कदम रखे ही थे कि उनका बैग चोरी हो गया। यह शहर के बीचोबीच हुआ। जब मौजूदा विधायक और नेता प्रतिपक्ष की पत्नी भी दिल्ली में सुरक्षित नहीं हैं, तब आम लोग सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे?"

वहीं, भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के लोग या चुनी हुई सरकार जब भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, हर बार विजेंद्र गुप्ता पुलिस के बचाव में आ जाते हैं।

उन्होंने कहा, "यहां तक कि जब मुख्यमंत्री पर हमला किया गया, तब नेता प्रतिपक्ष को पुलिस की कोई चूक नजर नहीं आई, बल्कि उन्होंने खुलेआम उसकी भूमिका का बचाव किया। गुप्ता कोई न कोई मुद्दा लेकर हर तीन दिन में एक बार उपराज्यपाल से मिलते हैं, लेकिन उन्होंने एक बार भी शहर की कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं उठाया है।"

आतिशी ने कहा कि दिल्ली में सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एकमात्र केंद्र सरकार की है। भाजपा को दिल्ली के लोगों को यह बताना चाहिए किवह उनके लिए यह जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it