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जल्द ही गिर जाएगी भाजपा की ‘अवैध’ सरकार : वेणुगोपाल

सी वेणुगोपाल ने भाजपा पर महाराष्ट्र में किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने के लिए राजनीतिक अनैतिकता में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द ही राज्य में ‘अवैध रूप से बनाई गई’ भाजपा सरकार गिर जाएगी

जल्द ही गिर जाएगी भाजपा की ‘अवैध’ सरकार : वेणुगोपाल
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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महाराष्ट्र में किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने के लिए राजनीतिक अनैतिकता में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द ही राज्य में ‘अवैध रूप से बनाई गई’ भाजपा सरकार गिर जाएगी।

श्री वेणुगोपाल ने शनिवार को यहां एक वक्तव्य जारी कर कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता के दुरुपयोग और सभी संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करके किए गए इस ‘अवैध और भ्रष्ट राजनीतिक विश्वासघात’ के खिलाफ सभी तरीकों से लड़ाई लड़ेगी।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद एक महीने तक चले सियासी गतिरोध के बाद अचानक नाटकीय घटनाक्रम में शनिवार सुबह भाजपा के श्री देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के श्री अजीत पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जिसके साथ ही राज्य में दस दिन से लगा राष्ट्रपति शासन हट गया लेकिन नयी सरकार के बहुमत को लेकर संशय बना हुआ है।

राज्य की राजनीति में शुक्रवार रात तेज गतिविधियों की परिणति सुबह करीब साढ़े सात बजे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा श्री फडनवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के श्री अजीत पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाये जाने के साथ हुई जिसने राजनीतिक पंडितों को भौंचक्का कर दिया।

राज्यपाल कोश्यारी ने श्री फडनवीस को सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया है। लेकिन बहुमत को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष अपने अपने दावे कर रहे हैं जिससे अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि श्री अजीत ने अपनी पार्टी के सभी 54 विधायकों के हस्ताक्षर वाली सूची राज्यपाल को सौंपी है। लेकिन दोपहर में पार्टी प्रमुख शरद पवार ने साफ कर दिया कि श्री अजीत का निर्णय पार्टी का फैसला नहीं है बल्कि व्यक्तिगत है। उन्होंने यह भी कहा कि राकांपा के अधिकतर विधायक उनके साथ हैं। राकांपा विधायक दल की शाम को हुई बैठक में 40 से अधिक विधायकों के मौजूद होने और श्री शरद पवार के नेतृत्व में निष्ठा प्रकट करने का दावा किया गया जिससे फड़नवीस सरकार के पास बहुमत होने पर संशय गहरा गया।

कल देर रात शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना कांग्रेस राकांपा के गठजोड़ वाली सरकार के गठन का निर्णय हो गया था लेकिन मध्य रात्रि के बाद भाजपा विधायक दल के नेता श्री फडनवीस और श्री अजीत पवार ने राज्यपाल के सामने विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र सौंप कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

राज्यपाल कोश्यारी ने पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा की। सुबह करीब साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति शासन हटाये जाने के बाद राजभवन में श्री फडनवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के श्री पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी। इस मौके पर भाजपा और राकांपा दोनों पार्टियों का कोई भी बड़ा नेता उपस्थित नहीं था।

शपथग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह समेत प्रमुख नेताओं ने इसका स्वागत किया और श्री फडनवीस एवं श्री अजीत को बधाई दी। भाजपा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि एक माह के दौरान किसी भी पार्टी ने लिखित में ना तो सरकार बनाने का दावा पेश किया था और ना ही इसके लिए प्रयास करने की बात कही थी।

कांग्रेस समेत सभी विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लोकतंत्र का चीरहरण करार देते हुए आरोप लगाया कि यह सब श्री मोदी और श्री शाह के इशारे पर हुआ है। कांग्रेस ने दावा किया कि वह विश्वासमत के दौरान सरकार को गिरा देगी।

उधर सरकार के गठन के बाद राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार में शामिल होने के श्री अजीत पवार के निर्णय से किनारा कर लिया।


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