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अर्थव्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही भाजपा सरकार : यशवंत

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है

अर्थव्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही भाजपा सरकार : यशवंत
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कोल्हापुर। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है लेकिन यह सरकार मसालेदार शब्दों का प्रयोग कर इसकी गंभीरता को बहुत से हल्के में ले रही है।

श्री सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सुस्त है, लेकिन केंद्र सरकार चटपटे और मसालेदार शब्दों के जरिए इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है।

उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि उबेर और ओला को प्राथमिकता दिया जाना ऑटो सेक्टर में संकट की प्रमुख वजह है। उन्होंने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था की चाल अगले तीन वर्षों तक ऐसे ही रहेगी, भले ही केंद्र सरकार मौजूदा स्थिति को सुधारने के लिए कोई भी कदम उठा ले।

उन्होंने अपने दावे को सही ठहराते हुए भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला भी दिया जिसमें कहा गया है कि देश की आर्थिक विकास दर दो प्रतिशत घट गई है।

श्री सिन्हा ने कहा कि अमिताभ राजन और अरविंद सुब्रमण्यन जैसे अर्थशास्त्रियों ने इसके खिलाफ सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। इसके अलावा नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने भी कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था अस्थिर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वर्तमान आर्थिक मंदी के जल्द ही सामान्य होने में संदेह है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए के निरस्तीकरण और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटकर यह सरकार भावनात्मक मुद्दे उठाकर राजनीतिक लाभ ले रही है। यहां तक कि अन्य केंद्रीय मंत्री भी किसी अन्य विषय पर बात नहीं कर सकते हैं तथा आईएएस अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेताओं ने अपने संघर्ष का जज्बा खो दिया है और अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी विपक्षी नेताओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।


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