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कंपनी गार्डन में 9 लाख यूनिट बिजली की चोरी

बिलासपुर । बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने पांच जनवरी को कम्पनी गार्डन के बिजली मीटर और कनेक्शन की जांच की। जांच में मीटर में बिजली की खपत 9 लाख यूनिट पाई गई।

कंपनी गार्डन में 9 लाख यूनिट बिजली की चोरी
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बिलासपुर । बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने पांच जनवरी को कम्पनी गार्डन के बिजली मीटर और कनेक्शन की जांच की। जांच में मीटर में बिजली की खपत 9 लाख यूनिट पाई गई। जिससे टीम सकते में आ गई। खपत के अनुसार निगम को लाखों की राशि पटानी पड़ सकती है। टीम गार्डन में बिजली चोरी की शिकायत मिलने पर जांच करने गई थी। बिजली विभाग के गोलबाजार जोन कार्यालय के कर्मचारियों ने दस साल से मीटर रिडिंग नहीं की है न ही बिल का वितरण किया है। जबकि कम्पनी गार्डन के सामने फुटपाथ व्यवसायी लम्बे समय से बिजली चोरी कर रहे हैं। कम्पनी गार्डन नगर निगम द्वारा संचालित है। हद तो यह है कि गार्डन का बिजली बिल का भुगतान निगम प्रशासन काफी समय से नहीं किया गया है।
अब बिजली विभाग की विजिलेंस टीम और गोलबाजार जोन के अधिकारी उक्त बिजली चोरी के मामले को दबाने में लगे हैं। इस मामले में विजिलेंस और गोलबाजार जोन के अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। वहीं बिजली विभाग के उच्चाधिकारी को कम्पनी गार्डन के मामले की जानकारी ही नहीं है। लेकिन बिजली विभाग अभी तक कार्रवाई नहीं की है। हर माह कम्पनी गार्डन से हजारों यूनिट बिजली चोरी का खेल चलता रहा। बताया जाता है कि निगम और बिजली विभाग के कर्मचारी को व्यवसायी हर माह राशि देते आ रहे हैं।
‘देशबन्धु’ ने कम्पनी गार्डन में बिजली की चोरी की खबर पूर्व में प्रकाशित की थी। लेकिन बिजली विभाग या नगर निगम ने बिजली चोरी पर कार्रवाई नहीं की। बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने 5 जनवरी को शिकायत के आधार पर कम्पनी गार्डन में लगे बिजली मीटर और बिजली कनेक्शन का जांच की। टीम ने जब मीटर रिडिंग देखी उनके होश उड़ गए। बिजली खपत नौ लाख यूनिट बता रहा टीम ने जब गोलबाजार जोन से कम्पनी गार्डन की बिजली बिल और मीटर रिडिंग का रिकार्ड मंगाया तो पता चला कि 10 साल से मीटर रिडिंग और बिजली का बिल का वितरण तक नहीं किया गया है। जबकि कम्पनी गार्डन का बिजली कनेक्शन कमर्शियल है जबकि बिजली विभाग कमर्शियल बिल के भुगतान को लेकर अधिक समय नहीं देता है।
10 साल से भुगतान नहीं
पिछले दस साल से कम्पनी गार्डन के बिजली बिल का भुगतान ही नहीं किया गया है। अब 9 लाख यूनिट में लाखों का बिल आने की संभावना है। गोलबाजार जोन कार्यालय में कम्पनी गार्डन के मामले में इतनी बड़ी लापरवाही समझ से परे है। गार्डन के सामने दुकान लगाने वाले व्यवसायी खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। अब विजिलेंस और गोलबाजार जोन के अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
अफसरों पर भी हो सकती है कार्रवाई
इस मामले में गोलबाजार जोन के अधिकारियों-कर्मचारियों पर विद्युत वितरण कम्पनी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। इसी कारण मामले को दबाने का कार्य किया जा रहा है। जब ‘देशबन्धु’ की टीम ने कम्पनी गार्डन के मामले की जानकारी विजिलेंस और गोलबाजार जोन के अधिकारियों से लेनी चाही तो गोलमोल जवाब दिया गया। कम्पनी गार्डन मामले की जानकारी बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को भी नहीं है। बिजली विभाग बिजली चोरी से होने वाले नुकसान की भरपाई अपने उपभोक्ताओं से करता है। हर साल बिजली दर में दस से पंद्रह प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी जाती है।
विजिलेंस की कार्यशैली भी संदेहास्पद
विजिलेंस टीम पर भी कार्रवाई को लेकर उंगलियां उठती रही है क्योंकि विजिलेंस की कार्रवाई गोपनीय होती है। विजिलेंस के अधिकारी कई मामलों को सेंटिंग द्वारा सुलझा लेते हैं। विजिलेंस टीम बड़े मामलों को उजागर नहीं होने देती। छोटे मामले पर कार्रवाई की सूचना देती है। विभाग के अधिकारी भी विभाग को चूना लगाने का कार्य कर करते हैं।


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