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बिहार में धर्म जागरण अभियान तेज करेगा VHP, मंदिरों को सामाजिक जागरूकता का केंद्र बनाने पर जोर

VHP नेता ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। संगठन धर्म जागरण के जरिए युवाओं के बीच अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम करने की बात कह रहा है।

बिहार में धर्म जागरण अभियान तेज करेगा VHP, मंदिरों को सामाजिक जागरूकता का केंद्र बनाने पर जोर
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छपरा। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बिहार में अपने धर्म जागरण अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन के स्थापना दिवस के मौके पर बुधवार को शहर के रामबाग बैंक्वेट हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में VHP के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धर्म जागरण यात्राओं और जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। उनका कहना था कि इन गतिविधियों के जरिए हिंदू समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

बिहार के अलग-अलग इलाकों में निकलेंगी धर्म जागरण यात्राएं

मिलिंद परांडे ने कहा कि धर्म जागरण अभियान को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय इसे सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में यात्राएं आयोजित करने की योजना है। इन यात्राओं के माध्यम से लोगों के बीच सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत को लेकर संवाद बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और एकजुटता मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर भी कार्यक्रम किए जाएंगे। संगठन की ओर से आने वाले दिनों में इन गतिविधियों का दायरा बढ़ाने की बात कही गई है।

जनसंख्या असंतुलन और घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया

प्रेस वार्ता के दौरान VHP नेता ने जनसंख्या असंतुलन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने ईसाई मिशनरी गतिविधियों और बांग्लादेश से होने वाली कथित अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार से गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। परांडे ने कहा कि अवैध घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। हालांकि, इन मुद्दों से जुड़े उनके दावे संगठन के पक्ष और राजनीतिक-सामाजिक विमर्श का हिस्सा हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा जताई।




मंदिरों को सिर्फ पूजा स्थल तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं VHP

VHP ने प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों की भूमिका को भी अपने अभियान में महत्वपूर्ण बताया। मिलिंद परांडे ने कहा कि मंदिरों को केवल पूजा-अर्चना का स्थान मानने के बजाय सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उनके विकास में समाज की भागीदारी को जरूरी बताया। संगठन का मानना है कि मंदिरों के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ने पर जोर

VHP नेता ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। संगठन धर्म जागरण के जरिए युवाओं के बीच अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम करने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना महत्वपूर्ण है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों और यात्राओं को माध्यम बनाया जाएगा।

स्थापना दिवस पर संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा

प्रेस वार्ता में VHP के जिला अध्यक्ष सुमित कुमार सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान बिहार में प्रस्तावित धर्म जागरण गतिविधियों, यात्राओं और सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। VHP की ओर से धर्म जागरण अभियान को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब संगठन सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। आने वाले दिनों में बिहार के विभिन्न इलाकों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए इस अभियान को जमीनी स्तर पर विस्तार देने की योजना है।


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