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राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर उपेंद्र कुशवाहा का हमला, बोले-कानून से ऊपर कोई नहीं

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने से इनकार करने के मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर उपेंद्र कुशवाहा का हमला, बोले-कानून से ऊपर कोई नहीं
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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने से इनकार करने के मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को कानून और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या नियमों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं हो सकती।

मीडिया से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस पूरे मामले में कानून सम्मत और संवैधानिक तरीके से बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा और जबरदस्ती वाले बयान उचित नहीं हैं।

उन्होंने राजद नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों का राजनीतिक चाल-चरित्र जैसा रहा है, उनसे इस तरह की प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है और सभी को लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा सरकारी निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।

कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि सरकार तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कार्य करती है, इसलिए किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को सरकारी निर्णयों का सम्मान करते हुए उनका पालन करना चाहिए।

इस दौरान पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की उन्होंने कड़ी निंदा की। कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और किसी भी व्यक्ति पर हमला उचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे वह सत्ता पक्ष से जुड़ा हो या विपक्ष से।

उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी नेता या दल की नीतियों से असहमति है तो उसे व्यक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच उपलब्ध हैं। ऐसे में हिंसा या हमले जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावी पराजय के बाद ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं और इसी कारण वह लगातार भाजपा पर आरोप लगा रही हैं।

उन्होंने कहा कि चुनावी हार की खीझ और राजनीतिक निराशा में वह ऐसे बयान दे रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। कुशवाहा ने दावा किया कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोपों का सहारा लेते हैं।

वहीं बिहार की राजनीति में उभर रहे नए समीकरणों और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की संभावना पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी राय रखी। बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव में प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नेता को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। किसी को भी चुनावी प्रक्रिया से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता ही अंतिम निर्णय करती है और वही तय करेगी कि किसे समर्थन देना है।हालांकि कुशवाहा ने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को किसी भी राजनीतिक दल से कोई बड़ी चुनौती नहीं मिलने वाली है।


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