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बिहार में सेकेंडरी टीचर एलीजीबिलिटी टेस्ट का परिणाम जारी, 2.56 लाख अभ्यर्थी हुए सफल

बिहार में शिक्षक बनने वाले युवकों के लिए इंतजार की घड़ी सोमवार को समाप्त हो गई

बिहार में सेकेंडरी टीचर एलीजीबिलिटी टेस्ट का परिणाम जारी, 2.56 लाख अभ्यर्थी हुए सफल
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पटना। बिहार में शिक्षक बनने वाले युवकों के लिए इंतजार की घड़ी सोमवार को समाप्त हो गई। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने सोमवार को सेकेंडरी टीचर एलीजीबिलिटी टेस्ट (एसटीईटी) 2025 का परिणाम घोषित कर दिया। बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस वार्ता कर एसटीईटी का परीक्षा परिणाम जारी किया। इस परीक्षा में कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों में से 2.56 लाख सफल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि पेपर-1 यानी वर्ग 9-10 के शिक्षक के लिए आयोजित परीक्षा में 2,46,415 अभ्यर्थी एवं पेपर-2 यानी वर्ग 11-12 के शिक्षक पात्रता परीक्षा में 1,95,799 अभ्यर्थी (71,178 महिला अभ्यर्थी एवं 1,24,621 पुरुष अभ्यर्थी) सहित दोनों पेपर को मिलाकर कुल 4,42,214 अभ्यर्थी इस परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। सीबीटी के माध्यम से पिछले साल 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक आयोजित इस परीक्षा में सम्मिलित 4,42,214 अभ्यर्थियों में कुल 2,56,301 अभ्यर्थी, जिनमें 1,04,167 महिला अभ्यर्थी एवं 1,52,134 पुरुष अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उत्तीर्णता का प्रतिशत 57.96 प्रतिशत है।

समिति द्वारा आयोजित इस परीक्षा में पेपर-1 में सीबीटी के माध्यम से कुल 16 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें सम्मिलित 2,46,415 अभ्यर्थियों में 1,54,145 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उत्तीर्णता का प्रतिशत 62.56 प्रतिशत है। पेपर-2 में कुल 29 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें सम्मिलित 1,95,799 अभ्यर्थियों में से 1,02,156 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

उत्तीर्णता का प्रतिशत 52.17 प्रतिशत है। परीक्षा परिणाम के साथ-साथ विषयवार अंक और क्वालिफाइंग स्टेटस भी जारी कर दिया गया है। बिहार में जब भी शिक्षक भर्ती होगी, उसमें शामिल होने के लिए यह प्रमाणपत्र जरूरी दस्तावेज होगा। एसटीइटी 2025 के लिए कटऑफ का निर्धारण किया गया था।

सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 45.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 42.5 प्रतिशत तथा महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 40 प्रतिशत उत्तीर्णांक निर्धारित थे। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न (150 अंक) पूछे गए थे, जिनमें 100 अंक विषयवस्तु और 50 अंक शिक्षण कला एवं अन्य दक्षताओं पर आधारित थे। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय थे और गलत उत्तर पर कोई निगेटिव मार्किंग नहीं थी।


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