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विपक्ष पूछता था बिहार को क्या मिला, अब खुशखबरी सुन लीजिए, मिलेगी अरबों की सौगात: जीतन राम मांझी

केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने जहां विपक्ष पर तंज कसा है, वहीं बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी भी दी है

विपक्ष पूछता था बिहार को क्या मिला, अब खुशखबरी सुन लीजिए, मिलेगी अरबों की सौगात: जीतन राम मांझी
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पटना। केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को जहां विपक्ष पर तंज कसा है, वहीं बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी भी दी है। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को प्रौद्योगिकी केंद्र, बिहटा, पटना में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बिहार को अरबों की सौगात मिलने जा रही है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया है।

उन्होंने लिखा कि हमेशा अपने गयाजी के लिए खुशखबरी सुनाते थे, तो विरोधी सब पूछते थे, 'बिहार को क्या मिला? बिहार को क्या मिला?' लीजिए भाई, अब बिहार के लिए भी खुशखबरी सुन लीजिए। 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे, पटना के बिहटा (सिकंदरपुर) में एमएसएमई मंत्रालय द्वारा अरबों की लागत से बना टेक्नॉलॉजी सेंटर और मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास के साथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विशेष आग्रह पर मुंगेर में बना एक्सटेंशन सेंटर का उद्घाटन किया जा रहा है।

उन्होंने आगे लिखा कि आप सब भी आइए और दोनों हाथ उठाकर कहिए, पीएम नरेंद्र मोदी संग चल पड़ा बिहार, जय हो मोदी सरकार।

बताया गया कि केंद्रीय मंत्री (एमएसएमई) जीतन राम मांझी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा स्थापित ये टेक्नोलॉजी सेंटर एक अग्रणी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करेंगे। इन सेंटरों पर बिहार के युवाओं को हाई-टेक मशीनरी, रोबोटिक्स और आधुनिक इंजीनियरिंग में ट्रेनिंग मिलेगी।

वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान देशभर में ऐसे कुल 350 उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसके अतिरिक्त, एससी, एसटी उद्यमियों को सार्वजनिक खरीद प्रणाली से संबंधित विभिन्न पहलुओं, जैसे विक्रेता पंजीकरण, गुणवत्ता मानक तथा निविदा-आधारित अवसरों की जानकारी प्रदान करनी है, ताकि वे सार्वजनिक क्षेत्र की खरीद व्यवस्था में प्रभावी रूप से सहभागिता कर सकें।


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