भाजपा की रणनीति पश्चिम बंगाल में नहीं चलेगी: शत्रुघन सिन्हा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और टीएमसी सांसद शत्रुघन सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उसकी राजनीतिक रणनीति सफल नहीं होगी

पटना। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और टीएमसी सांसद शत्रुघन सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उसकी राजनीतिक रणनीति सफल नहीं होगी।
शनिवार को पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान शत्रुघन सिन्हा ने हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का जिक्र किया और दावा किया कि इसमें काफी सच्चाई है और भाजपा की कथित साजिशों का पर्दाफाश हुआ है।
सिन्हा के अनुसार, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी सूझबूझ से भाजपा के '1,000 करोड़ के सौदे' घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसका असर अब पूरे देश में दिखाई दे रहा है।
सिन्हा ने भाजपा के 'वॉशिंग मशीन' जैसे रवैये की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं को पार्टी में शामिल किया जाता है और बाद में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया जाता है।
उन्होंने महाराष्ट्र में हुए घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े घोटालों में पहले आरोपी रहे लोगों को भाजपा में शामिल होने के बाद प्रमुख पद दिए गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल में आरोपों का सामना कर रहे नेताओं के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी।
ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें 'आयरन लेडी' बताया और उनके नेतृत्व को परखा हुआ और सिद्ध बताया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता उनके साथ मजबूती से खड़ी है और विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में टीएमसी को निर्णायक जीत मिलेगी।
शत्रुघन सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कई पुराने वादे पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और वित्तीय लाभ जैसे आश्वासनों का जिक्र करते हुए कहा कि अब ये सार्वजनिक आलोचना का विषय बन गए हैं।
मनरेगा (अब वीबी जी राम जी) के तहत लंबित धनराशि का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लाभार्थियों के लिए निर्धारित बड़ी रकम अभी तक केंद्र सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है।
सिन्हा की टिप्पणियों से चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी में और तेजी आई है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में पार्टियां एक-दूसरे पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।


