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एसआईआर को लेकर सुवेंदु अधिकारी का टीएमसी पर हमला, घुसपैठियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं

एसआईआर को लेकर सुवेंदु अधिकारी का टीएमसी पर हमला, घुसपैठियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
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पटना। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों, खासकर मुस्लिम घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि दो दिन पहले राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में भी यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई थी कि किस तरह कुछ लोग घुसपैठियों को बचाने और देश को नुकसान पहुंचाने के लिए अदालत तक जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नया मामला नहीं है, बल्कि यह प्रक्रिया अब तक नौ बार हो चुकी है, जिसमें पहले भी आठ बार ऐसा किया जा चुका है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार घुसपैठियों और एक विशेष वर्ग के संरक्षण का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी देशहित में नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति के तहत काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में बदलाव तय है और राज्य में सनातनी सरकार तथा राष्ट्रवादी प्रशासन बनेगा। उन्होंने कहा कि अब जमात और आतंकवादी तत्वों को जो कथित समर्थन कट्टरपंथी सरकार द्वारा दिया जा रहा था, वह आगे जारी नहीं रहेगा। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि तुष्टिकरण की राजनीति का अंत होगा और पश्चिम बंगाल में सनातन मूल्यों की स्थापना होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल में एक मजबूत, राष्ट्रवादी और जनहित में काम करने वाली सरकार देखने को मिलेगी।

वहीं, एसआईआर पर भाजपा के स्टेट प्रेसिडेंट समिक भट्टाचार्य कहते हैं, "देखिए, हर किसी को फॉर्म-7 भरने का हक है, लेकिन ममता का दिल बड़ा है, उनकी बात साफ है। जो लोग गुजर गए, वे किसी के पिता, माता, प्रेमी थे। आप उन्हें क्यों हटा रहे हैं? अगर आप इंसानी चेहरा देखेंगे तो उन्हें वहां नहीं होना चाहिए, यह उनका मानना ​​है। भारत धर्मशाला नहीं है कि जब जिसकी मर्जी हो घुस जाए। हमारा एजेंडा क्‍लीयर है- डिटेक्‍ट, डिपोर्ट एंड डिलीट। वहीं, ममता बनर्जी का एजेंडा है- रोहिंग्‍या और फेक वोटर को लेकर चुनाव में जाना।"


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