पटना में सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत, 15 जागरूकता रथ निकले सड़कों पर
पटना के जिलाधिकारी- सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति डॉ त्यागराजन एसएम ने समाहरणालय परिसर, पटना से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

यातायात नियमों पर जोर, जागरूकता रथ करेंगे शहर-गांव का दौरा
- सीसीटीवी और ट्रैफिक मैनेजमेंट से होगी सख्त निगरानी
- दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
- रैलियां, नुक्कड़ नाटक और अभियान से जागेगी सड़क सुरक्षा की चेतना
पटना। पटना के जिलाधिकारी- सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति डॉ त्यागराजन एसएम ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर, पटना से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर लगभग 15 जागरूकता रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घूम- घूमकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगे और उनके पालन के लिये प्रेरित करेंगे।
जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह का आयोजन एक जनवरी से 31 जनवरी तक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और इससे होने वाली मौतों को लेकर प्रशासन गंभीर है। इसी क्रम में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पथ निर्माण विभाग, नगर निकाय, विद्यालय- महाविद्यालय, स्वयंसेवी संगठन और आमजन की सहभागिता से व्यापक जागरूकता अभियान और संवेदीकरण कार्यशालायें आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के पांच मुख्य घटक हैं, जिनमें सुरक्षित यातायात व्यवहार, दुर्घटना के बाद देखभाल, सड़क सुरक्षा प्रबंधन, सुरक्षित सड़क निर्माण और सुरक्षित वाहन निर्माण। इन सभी को सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों के साथ- साथ सड़क शिष्टाचार का भी पालन करें, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों का सम्मान करें और आपातकालीन वाहनों को रास्ता दें।
जिलाधिकारी ने तेज गति, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने, मोबाइल फोन के उपयोग, रोड रेज और विचलित ड्राइविंग से बचने की सख्त सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा जिले के लगभग 415 स्थानों पर 3300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, जिनसे ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट वायलेशन और अन्य उल्लंघनों पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जायेगा। साथ ही, विशेष जांच अभियान, शपथ ग्रहण, छात्र- छात्राओं की रैलियां, नुक्कड़ नाटक, ड्राइवर रिफ्रेशर ट्रेनिंग, स्वास्थ्य जांच शिविर और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि विश्व स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का लगभग 10 प्रतिशत भारत में होता है, जो अत्यंत चिंताजनक है। पटना जिला भी इससे प्रभावित है। ऐसे में नियमों की जानकारी के साथ- साथ उनका कड़ाई से अनुपालन ही दुर्घटनाओं को कम कर सकता है।
अंत में उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा माह के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की, जिससे मिलकर सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


