बांकीपुर चुनाव परिणाम पर बोले राजीव रंजन, प्रशांत किशोर को लंबे समय तक रहना है तो एनडीए से सीखना होगा
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत ने इस सीट पर भाजपा के 30 साल के दबदबे को खत्म कर दिया है। उन्होंने इस नतीजे को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव बताया।

पटना। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत ने इस सीट पर भाजपा के 30 साल के दबदबे को खत्म कर दिया है। उन्होंने इस नतीजे को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव बताया।
राजीव रंजन ने कहा, "मैं प्रशांत किशोर को उनकी जीत पर बधाई देता हूं। लेकिन, बांकीपुर के लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें हैं। उनके चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर, उन्हें बड़े-बड़े बयान देने के बजाय आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें लोगों के जीवन पर असर डालने वाले मुद्दों को सुलझाने और उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि सरकार के अस्तित्व या विधानसभा के स्वरूप को लेकर उलटफेर होने की स्थिति नहीं थी। शायद यह मतदाताओं में उदासीनता की बड़ी वजह थी। प्रशांत को मतदान कम होने का लाभ जरूर मिला है। मैं अभी उनके बयान को सुन रहा था। देश, राज्य और तमाम चीजों के बजाए बांकीपुर क्षेत्र के मतदाता विकसित इलाके के वोटर हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में बांकीपुर का कायाकल्प हुआ है। उस विकास यात्रा को सीएम सम्राट चौधरी ने जारी रखा है। नतीजे कुछ भी हों, उसका विश्लेषण जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय जनता पार्टी और गठबंधन के सभी दल करते रहे हैं। जीतते तब भी समीक्षा होती और हारे हैं तो निसंदेह होना ही है।
राजीव रंजन कहते हैं, "प्रशांत किशोर ने खुद हमेशा कहा है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई स्थायी गढ़ नहीं होता। उनकी अपनी बातों को ध्यान में रखते हुए, मैं कहूंगा कि अगर वह लोगों के दिलों पर राज करना चाहते हैं और लंबे समय तक वहां बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें यह एनडीए से सीखना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि 30-31 वर्षों तक इस विधानसभा क्षेत्र पर एनडीए का एकछत्र राज रहा है। वैसा कुछ कर दिखाने का माद्दा प्रशांत किशोर को विकसित करना होगा और बड़बोले नेता की छवि से उबरने की जरूरत है।


