पटना प्रदर्शन में 6 साल का बच्चा बना चर्चा का केंद्र, पुलिस ने हिरासत की खबरों को बताया अफवाह
वीडियो में आदित्य सरकार से नौकरी और रोजगार देने की मांग करता नजर आया। उसने कहा कि सरकार की ओर से वादे बहुत किए गए, लेकिन नौकरी और रोजगार की जगह प्रदर्शनकारियों को लाठियां मिल रही हैं। बच्चा काफी देर तक मीडिया के सामने अपनी बात रखता रहा।

पटना: Patna Students protest: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को अलग-अलग मांगों को लेकर हुए प्रदर्शनों के बीच 6 साल का एक बच्चा अचानक चर्चा में आ गया। पुनाईचक इलाके में रहने वाला आदित्य प्रदर्शन के दौरान अपनी बात मीडिया के सामने रखता नजर आया। रोजगार और नौकरी की मांग को लेकर दिए गए उसके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
नौकरी और रोजगार की मांग करता दिखा बच्चा
वीडियो में आदित्य सरकार से नौकरी और रोजगार देने की मांग करता नजर आया। उसने कहा कि सरकार की ओर से वादे बहुत किए गए, लेकिन नौकरी और रोजगार की जगह प्रदर्शनकारियों को लाठियां मिल रही हैं। बच्चा काफी देर तक मीडिया के सामने अपनी बात रखता रहा। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो एक पुलिसकर्मी ने उसे अपनी गोद में उठा लिया। इसके बाद एक पुलिस अधिकारी उसे हाथ पकड़कर पुलिस वाहन तक ले गए। बच्चे के प्रदर्शन में मौजूद होने और मीडिया से बात करने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे।
'गिरफ्तारी' की खबरों पर पुलिस ने दी सफाई
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि आदित्य को प्रदर्शन में शामिल होने के कारण पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया गया था। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आदित्य को उसकी सुरक्षा के लिए कुछ समय थाने में रखा गया। बाद में उसे उसकी मां को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, आदित्य की मां घरेलू काम करती हैं, जबकि उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। एक पुलिस अधिकारी ने परिवार को सलाह दी कि तनावपूर्ण परिस्थितियों वाले इलाकों में बच्चे को प्रदर्शन स्थल पर नहीं लाना चाहिए। अधिकारी के मुताबिक, बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही उसे कुछ समय के लिए पुलिस के पास रखा गया था।
6 saal ka baccha press conference kar raha hai… pic.twitter.com/jRjfjw6d1l
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 26, 2026
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग वाला बयान भी चर्चा में
प्रदर्शन के दौरान आदित्य ने पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग भी की। उसने लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। बच्चे के बेबाक अंदाज और उसकी उम्र के कारण मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी वह आकर्षण का केंद्र बना रहा। पुलिस से वापस मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आदित्य का स्वागत किया। मौके पर 'जेन अल्फा' के नारे भी सुनाई दिए। बच्चे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
पटना में कई जगह प्रदर्शन
मंगलवार को पटना में एक साथ कई स्थानों पर अलग-अलग वर्गों के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे के आसपास TRE-4 अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, गोलघर के आसपास किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के आसपास नर्सिंग छात्रों ने भी प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों के दौरान छात्र, नौकरी के अभ्यर्थी और अन्य प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
बैरिकेड तोड़ने के बाद बढ़ा तनाव
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की और कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी भी हुई। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए गए और कथित लाठीचार्ज को लेकर नाराजगी जताई गई। हंगामे के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया।
बच्चे की मौजूदगी ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल
आदित्य के वीडियो ने जहां सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा, वहीं तनावपूर्ण प्रदर्शन के बीच इतनी कम उम्र के बच्चे की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठे। पुलिस का कहना है कि बच्चे को किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि उसकी सुरक्षा के लिए कुछ समय तक थाने में रखा गया। पटना में नौकरी, भर्ती प्रक्रिया और अन्य मांगों को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच आदित्य का मामला अब अलग से चर्चा में है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर प्रशासन की ओर से आगे की स्थिति स्पष्ट की जानी बाकी है।


