नीतीश कुमार बिहार के सुशासन के प्रतीक, इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में नाम दर्ज होगा: कृष्ण कुंतल
बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के नए मुखिया को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं

छपरा। बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के नए मुखिया को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। इसी बीच भाजपा प्रवक्ता कृष्ण कुंतल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नीतीश कुमार एनडीए के मुख्यमंत्री हैं और आगे भी वही इस पद पर बने रहेंगे।
कृष्ण कुंतल ने बिहार के विकास में नीतीश कुमार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा नीतीश कुमार ही हैं। उन्होंने कहा कि जब बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, तो कुछ नेताओं के नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होंगे, जिनमें नीतीश कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ-साथ नीतीश कुमार का नाम भी राज्य के विकास की कहानी में विशेष रूप से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को जो बिहार विरासत में मिला था, वह काफी पिछड़ा और बदहाल था, लेकिन अपने कार्यकाल में उन्होंने सुशासन की एक लंबी लकीर खींच दी है। आज बिहार विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ चुका है, और यह उनके नेतृत्व का परिणाम है। कुंतल ने जोर देकर कहा कि भविष्य में जो भी उनका उत्तराधिकारी बनेगा, उसे इसी विकास मॉडल और सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाना होगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सेवा और सुशासन का जो उदाहरण नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया है, वह केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति में एक मिसाल के तौर पर देखा जाएगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में किसी भी नेता के लिए इस मॉडल को अपनाना एक तरह की मजबूरी होगी।
उत्तराधिकारी के सवाल पर कृष्ण कुंतल ने कहा कि फिलहाल नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। हालांकि, यदि किसी संवैधानिक परिस्थिति में उत्तराधिकारी चुनने की जरूरत पड़ती है, तो एनडीए का शीर्ष नेतृत्व मिलकर इस पर फैसला करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार में एनडीए की सरकार आज भी है और भविष्य में भी बनी रहेगी।
कुंतल ने कहा कि एनडीए के पास नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के पास एक मजबूत नेतृत्व क्षमता है, जिससे जरूरत पड़ने पर सही निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने इसे भाजपा की विशेषता बताते हुए कहा कि पार्टी लगातार नए नेतृत्व को तैयार करती है, और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।


