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नीट छात्रा मौत मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज

राज्य के बहुचर्चित नीट छात्रा की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। इस घटना में एक तरफ जहां परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है, वहीं दूसरी तरफ सामने आए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पूरी कहानी को एक अलग मोड़ दे दिया है

नीट छात्रा मौत मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज
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  • पंकज कुमार

परिजनों के आरोप पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

  • संदिग्ध हालात में मौत हॉस्टल और अस्पताल की भूमिका पर संदेह
  • एसएसपी ने दी जानकारी जांच के लिए बनी एसआईटी
  • पटना से जहानाबाद तक गहराएगा मामला राजनीतिक दलों में घमासान

पटना। राज्य के बहुचर्चित नीट छात्रा की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। इस घटना में एक तरफ जहां परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है, वहीं दूसरी तरफ सामने आए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पूरी कहानी को एक अलग मोड़ दे दिया है। दरअसल राजधानी के चित्रगुप्त नगर इलाके में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद से हर रोज नए पहलू निकाल करके सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को छात्रा की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया तो कुछ अलग कहानी ही सामने आ गई। इस रिपोर्ट में छात्रा के साथ जो भी घटना घटी, उसके बारे में जानकारी दी गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि गर्दन के दाहिने हिस्से लैटरल व पीछे की ओर कई अर्धचंद्राकार नाखूनों के खरोच पाए गए। गर्दन पर सूखी खून जमी हुई पपड़ी मौजूद थी। घाव का आकार लगभग 0.5 सेंटीमीटर से 1.25 सेंटीमीटर तक था। दाहिनी जुगुलर नस में भी पंचर पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि बाए कंधे क्लेविकुलर क्षेत्र, बाएं हाथ, बाएं घुटने, भुजा, छाती और पीठ के विभिन्न हिस्सों पर नीले हरे रंग की चोट पाए गए। कई जगहों पर खरोच, सूजन और गहरे घाव दर्ज किए गए। कुछ घाव हाल के हैं। और कुछ पुराने प्रतीत होते हैं। इसके अलावा दाहिनी जुगुलर शीथ में गहरी चोट, गर्दन के आसपास के उत्तकों में खून का रिसाव, शरीर में आंतरिक रक्तस्राव के संकेत दे रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जननांग क्षेत्र में चोट के स्पष्ट निशान , योनि क्षेत्र में हालिया चोट व खून का जमाव, जबरन शारीरिक संबंध/ बल प्रयोग के संकेत आए हैं.

डॉक्टरों ने जो अपना ओपिनियन दिया है उसके अनुसार मृत्यु से पूर्व की चोटें मौजूद है। शरीर पर संघर्ष के स्पष्ट निशान है। हाल ही में बल प्रयोग/जबरन यौन संबंध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. छात्रा की योनि स्लाइड सुरक्षित रखी गई है और उसे फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। मृत्यु का कारण अंतिम रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखा गया है।

परिजनों ने लगाए आरोप

इससे पहले मृतक छात्रा के परिजनों ने राजधानी में ही एक प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी बातों को रखा। उन्होंने कई आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर की जांच रिपोर्ट पर पुलिस ने आखिर कैसे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया? उनका यह भी कहना था कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है. एसआईटी का गठन हो या फिर इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को दी जाए या फिर किसी ऐसी संस्था से जांच कराई जाए, जहां जांच ईमानदारी से हो। परिजनों का कहना था कि जब लोगों ने न्याय की आवाज उठाई तो उनके ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उनका कहना था कि बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के नींद की गोली नहीं मिलती है, जबकि छात्रा के कमरे से बड़ी संख्या में नींद की गोलियां मिली। उन गोलियों को रखा गया।

मृतक छात्रा के मामा का कहना था कि पुलिस के द्वारा मुझे यह सवाल किया गया था कि छात्रा कितने बजे घर से निकली है और कितने बजे पटना पहुंची? उनका का यह भी कहना था कि 5 जनवरी की रात तक मृतका की अपने परिजनों से बात हुई थी। इसके बाद छह तारीख की शाम को मृतका के परिजनों को नहीं बल्कि पूर्व में सेना में कार्य कर चुके एक आदमी को जानकारी दी गई कि आपकी बेटी बेहोश है। उनकी बेटी भी इस गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। हम लोगों को मृतका से मिलने भी नहीं दिया गया। यहां तक कहा गया कि उसकी हालत खराब है। तकरीबन चार घंटे तक वह होश में थी। उस बीच में भी नहीं मिलने दिया गया। उनका यह भी कहना था कि डॉक्टर प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के के डॉक्टर सतीश की इस पूरे मामले में भूमिका संदिग्ध है। उनके द्वारा धमकी भी दी गई कि तुम्हारी हेकड़ी निकाल दी जाएगी।

परिजनों ने यह अभी आरोप लगाया कि उस गर्ल्स हॉस्टल के सामने रोज रात में गाड़ियां लगती है। जितने भी लोग इस मामले में शामिल है। उन सब का एक बड़ा रैकेट है। उन्होंने इलाके की एसएचओ पर भी बदतमीजी करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।

इनका कहना था कि एफआइआर दर्ज होने के बाद हॉस्टल के मालिकों का कहना था कि चाहे जितने पैसे ले लो केस मत करो, इससे हॉस्टल का नाम बदनाम होगा।

एसएसपी ने कहा, एसआईटी बनेगी

वही राजधानी के एसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। जांच का दायरा काफी बढ़ गया है। एसआईटी में सिटी एसपी ईस्ट, के निर्देशन और एएसपी सदर के अलावा अन्य पुलिसकर्मी और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी है। जल्द ही इसमें जांच करके रिपोर्ट दी जाएगी। एसआईटी जहानाबाद भी जाएगी और वहां भी पूछताछ की जाएगी।

बता दे कि जहानाबाद की मूल निवासी और राजधानी के चित्रगुप्त नगर इलाके में रहकर के नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने अपना विरोध जताया था और छात्र की मौत को सामान्य मौत नहीं बल्कि संदिग्ध मौत कहा था। इस घटना को लेकर के राज्य में राजनीतिक दल भी आपस में घमासान मचाए हुए हैं।


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