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गिरिराज सिंह का हमला: “राजद बनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी”

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के राज्य सभा में जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी में कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है

गिरिराज सिंह का हमला: “राजद बनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी”
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तेजस्वी यादव पर तंज– पार्टी के सीईओ वही हैं

  • राज्यसभा चुनाव पर बयान: लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं राजद में
  • “तेजस्वी भ्रम में हैं, चुनाव से ताक़त का होगा अहसास”
  • बिहार राज्यसभा चुनाव: संख्याबल पर सियासी समीकरण गरमाए

पटना। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के राज्य सभा में जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी में कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है और उसे एक प्राइवेट कंपनी लिमिटेड की तरह चलाया जाता है।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि राजद में न तो लोकतांत्रिक सोच है और न ही लोकतांत्रिक संस्कृति। यह पूरी तरह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चल रही है और तेजस्वी उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यदि आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेजस्वी अपनी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं, क्योंकि वे अपनी पार्टी के सीईओ हैं और वहां उनकी उम्मीदवारी को चुनौती देने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी इस भ्रम में हैं कि वे राज्यसभा चुनाव में विजयी होंगे। यदि वे चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें अपनी वास्तविक राजनीतिक ताकत का अहसास हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है और आवश्यकता पड़ने पर मतदान 16 मार्च को होगा। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है, जो वर्तमान सदस्यों के कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही हैं।

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा की संख्यात्मक स्थिति के अनुसार, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। बिहार विधानसभा में 202 सीटों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को चार सीटें जीतने में कोई कठिनाई नहीं होगी, जबकि पांचवीं सीट के लिए उसे तीन अतिरिक्त सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इसी प्रकार, महागठबंधन के कुल 35 सदस्यों में राजद के अपने 25 सदस्य हैं, इसलिए अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए उसे छह अतिरिक्त सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी।

जिन पांच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमे जदयू से रामनाथ ठाकुर और हरवंश, राजद से प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्र धारी सिंह तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के उपेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं।


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