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दीपक प्रकाश का विधान परिषद मनोनीत होना पहले से तय था: उपेंद्र कुशवाहा

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के राज्यपाल द्वारा मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने पर कहा कि यह कोई नया या अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का पहले से तय फैसला था, जिसे अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है

दीपक प्रकाश का विधान परिषद मनोनीत होना पहले से तय था: उपेंद्र कुशवाहा
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पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के राज्यपाल द्वारा मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने पर कहा कि यह कोई नया या अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का पहले से तय फैसला था, जिसे अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है।

कुशवाहा ने कहा कि दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के समय से ही यह तय था कि उन्हें सदन का सदस्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तो एनडीए का पुराना फैसला था। भाजपा और एनडीए के तमाम नेताओं के बीच हुई बातचीत के आधार पर सारी बातें पहले से तय थीं। दीपक प्रकाश बिना सदन में गए मंत्री बने थे और उसी समय यह निर्णय लिया गया था कि उन्हें सदन में लाया जाएगा। अब राज्यपाल के अनुमोदन के माध्यम से उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया गया है।

उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, मुख्यमंत्री और एनडीए के अन्य नेताओं का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल मिलकर बिहार के विकास के लिए मजबूती से काम कर रहे हैं और आगे भी इसी तरह समन्वय के साथ कार्य करते रहेंगे।

विपक्ष द्वारा इस फैसले को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष का काम हर फैसले पर सवाल उठाना है। उन्होंने कहा कि कुछ भी कीजिए, सवाल तो उठाए ही जाएंगे। अच्छा कीजिए तो भी सवाल होगा और कहीं कमी रह जाए तो भी सवाल होगा। यह किसी को जवाब देने के लिए नहीं किया गया है। यह एक संवैधानिक औपचारिकता थी और राजनीतिक रूप से यह निर्णय पहले से तय था। अब सिर्फ उसे लागू किया गया है।

दीपक प्रकाश के इस्तीफे की विपक्षी मांग पर भी कुशवाहा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग कितने नैतिक हैं, यह पूरे देश और बिहार की जनता जानती है। जो स्वयं नैतिक हो, उसी को नैतिकता की बात करनी चाहिए। जो दिन-रात अनैतिक काम करता हो, उसे नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। इसलिए विपक्ष के लोगों की ओर से जो बातें कही जा रही थीं, उनके लिए यह एनडीए की ओर से एक स्पष्ट जवाब है।

कुशवाहा ने दावा किया कि एनडीए पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ बिहार में काम कर रहा है तथा गठबंधन के भीतर सभी निर्णय आपसी सहमति से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और सुशासन के एजेंडे पर एनडीए सरकार आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।


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