उपचुनावों में बदली सियासी तस्वीर, बांकीपुर में प्रशांत किशोर आगे, दतिया में कांग्रेस मजबूत, मंजलपुर में भाजपा जीत के करीब
बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा से काफी आगे चल रहे हैं।

नई दिल्ली: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना अंतिम चरण में पहुंच गई है। शुरुआती रुझानों के बाद अब तस्वीर लगभग साफ होती दिखाई दे रही है। बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा से काफी आगे चल रहे हैं। दूसरी ओर गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत के बेहद करीब पहुंच गई है।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की मजबूत बढ़त
बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा को कड़ी चुनौती देते हुए बढ़त कायम रखी है। मतगणना के अंतिम चरण में उन्होंने 10 हजार से अधिक मतों का अंतर बना लिया है। 19वें राउंड की गिनती पूरी होने तक प्रशांत किशोर लगभग 11,289 वोटों से आगे चल रहे थे। इससे पहले 18वें राउंड तक उन्हें 38 हजार से अधिक वोट मिल चुके थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार करीब 27 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे। कुल 31 राउंड की मतगणना में अधिकांश राउंड पूरे होने के बाद प्रशांत किशोर की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है।
भाजपा के गढ़ में बदला चुनावी समीकरण
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक विधानसभा रही है, जहां से वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके कारण उपचुनाव कराया गया। यदि अंतिम परिणाम भी रुझानों के अनुरूप रहता है तो इसे जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि और बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जाएगा।
दतिया में कांग्रेस की बढ़त बरकरार
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मतगणना के दौरान लगातार बढ़त बनाए रखी। नौवें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस प्रत्याशी 9,519 वोटों से आगे चल रहे थे। कांग्रेस उम्मीदवार को अब तक 44,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी 35,439 वोटों पर रहे। कुल 15 राउंड में से नौ राउंड पूरे होने तक कांग्रेस की स्थिति मजबूत बनी हुई थी।
नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा पिछड़ी
दतिया उपचुनाव का सबसे चर्चित पहलू पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का मतदान केंद्र रहा। भाजपा ने इस बार उनका टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। मतगणना के दौरान नरोत्तम मिश्रा के बूथ संख्या-121 पर भी कांग्रेस को बढ़त मिली। यहां कांग्रेस को 291 वोट, जबकि भाजपा को 264 वोट मिले। यानी इस बूथ पर कांग्रेस ने 27 वोटों की बढ़त दर्ज की। कांग्रेस ने इसे भाजपा के अंदरूनी असंतोष का संकेत बताते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर चल रहे समीकरणों का लाभ उसे मिल रहा है।
मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय
गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतेन्द्रभाई पटेल (सतीश पटेल) ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। 20 में से 19 राउंड की मतगणना पूरी होने तक उन्हें 55,244 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई को 24,677 वोट प्राप्त हुए। करीब 30 हजार से अधिक मतों की बढ़त के साथ भाजपा उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इस सीट पर भाजपा ने अपना मजबूत जनाधार बरकरार रखा है।
उपचुनावों के राजनीतिक संकेत
तीनों राज्यों के उपचुनाव अलग-अलग राजनीतिक संदेश देते नजर आ रहे हैं। बिहार में जन सुराज के लिए यह चुनाव संगठन की ताकत और प्रशांत किशोर की स्वीकार्यता की बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बढ़त भाजपा के लिए चिंतन का विषय बन सकती है, खासकर तब जब पार्टी के वरिष्ठ नेता के प्रभाव वाले क्षेत्र में भी उसे नुकसान होता दिख रहा है। दूसरी ओर गुजरात में भाजपा ने एक बार फिर अपना मजबूत प्रदर्शन दोहराते हुए यह संकेत दिया है कि राज्य में उसका संगठनात्मक आधार अभी भी मजबूत बना हुआ है।


