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बिहार राज्य महिला आयोग ने ‘अपमानजनक’ टिप्पणी के लिए पप्पू यादव को जारी किया नोटिस

बिहार राज्य महिला आयोग ने पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) को नोटिस जारी किया है

बिहार राज्य महिला आयोग ने ‘अपमानजनक’ टिप्पणी के लिए पप्पू यादव को जारी किया नोटिस
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पटना। बिहार राज्य महिला आयोग ने पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके एक वायरल वीडियो पर जारी किया गया है, जिसमें महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है।

यह नोटिस आयोग की अध्यक्ष अप्सरा के कार्यालय की ओर से जारी किया गया है, जिन्होंने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया।

आयोग ने कहा कि सांसद से जुड़े कथित बयान आपत्तिजनक, अशोभनीय और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं।

नोटिस के अनुसार, वायरल वीडियो में कथित तौर पर पप्पू यादव को राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है, जिसमें उनके आगे बढ़ने को अनुचित तरीकों से जोड़ा गया है।

आयोग ने कहा कि ऐसे बयान सार्वजनिक जीवन में कार्यरत महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं।

नोटिस में कहा गया, ''सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो में आपके द्वारा राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के संबंध में घृणित बयान दिया गया है। इसमें यह संकेत दिया गया है कि राजनीति में महिलाएं अनुचित तरीकों से आगे बढ़ती हैं, जिससे उनकी गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंचती है।''

आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष को कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है, जिसमें उनकी सदस्यता रद्द करने की संभावना भी शामिल है।

आयोग ने कहा कि ऐसे बयान स्वीकार्य नहीं हैं और ये राजनीति में महिलाओं की गरिमा और योगदान को कमजोर करते हैं।

इस बीच, पप्पू यादव ने बिहार राज्य महिला आयोग के नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और संदर्भ से हटाकर दिखाया गया है।

उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी महिलाओं के खिलाफ नहीं थी, बल्कि राजनीति में महिलाओं के साथ होने वाले कथित शोषण को उजागर करने के लिए थी।

पप्पू यादव ने कहा कि वे हमेशा महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने यह मुद्दा सदन में भी उठाया था और सरकारी आंकड़ों, मीडिया रिपोर्टों तथा नेताओं के बयानों का हवाला दिया था।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है ताकि विवाद पैदा किया जा सके।

उन्होंने बिहार में महिलाओं से जुड़े कई मामलों का जिक्र करते हुए आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि अन्य मामलों में समान गंभीरता क्यों नहीं दिखाई जाती।

उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं और अपने बयान पर कायम हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है।


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