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तेज प्रताप ने बता दिया कि राजद में कौन-कौन जयचंद, सोशल मीडिया पर पिता बनने की खबर वायरल होने पर दी सफाई

तेज प्रताप ने कहा कि पूरे दिन सोशल मीडिया पर उन्हें एक बच्ची का पिता बताया जाता रहा, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए। उन्होंने संवाददाताओं से भावुक स्वर में पूछा, “क्या मैं आत्महत्या कर लूं? क्योंकि जयचंद मुझे और मेरे परिवार को तबाह करने पर तुले हुए हैं।”

तेज प्रताप ने बता दिया कि राजद में कौन-कौन जयचंद, सोशल मीडिया पर पिता बनने की खबर वायरल होने पर दी सफाई
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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन कर उन नेताओं के नाम सार्वजनिक कर दिए, जिन्हें वह अब तक ‘जयचंद’ कहकर संबोधित करते रहे थे। इंटरनेट मीडिया पर एक नवजात के पिता होने संबंधी अफवाह फैलने से आहत तेज प्रताप ने इसे अपने और परिवार की छवि धूमिल करने की साजिश बताया और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

तेज प्रताप ने कहा कि पूरे दिन सोशल मीडिया पर उन्हें एक बच्ची का पिता बताया जाता रहा, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए। उन्होंने संवाददाताओं से भावुक स्वर में पूछा, “क्या मैं आत्महत्या कर लूं? क्योंकि जयचंद मुझे और मेरे परिवार को तबाह करने पर तुले हुए हैं।”

पांच ‘जयचंद’ के नाम सार्वजनिक

तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि उनके छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आसपास पांच ऐसे लोग हैं, जो परिवार और पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जिन नेताओं के नाम लिए, उनमें महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रौशन, राज्यसभा सदस्य संजय यादव, उत्तर प्रदेश के रमीज, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह शामिल हैं। तेज प्रताप ने कहा कि “ये लोग मेरे खिलाफ साजिश रचते हैं और परिवार को बांटने की कोशिश करते हैं। इन्हीं लोगों ने मुझे घर और पार्टी से बाहर करवाया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य “चंगू-मंगू” भी तेजस्वी के साथ लगे हुए हैं, जो उनके खिलाफ माहौल बनाने में सक्रिय हैं।

अफवाह से बढ़ा विवाद

रविवार को दिन भर सोशल मीडिया पर यह दावा प्रसारित होता रहा कि तेज प्रताप एक नवजात बच्ची के पिता बने हैं। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर तेज प्रताप को बधाई भी दी। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने वह संदेश हटा लिया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि यह खबर पूरी तरह निराधार है और उनके नाम को बदनाम करने के उद्देश्य से फैलायी गई है। उन्होंने कहा कि “मेरे खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। इससे मुझे गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।”

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

तेज प्रताप ने कहा कि इस मामले में उनका नाम घसीटने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध वे जल्द ही कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजद के भीतर चल रही खींचतान से भी जुड़ा हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में तेज प्रताप और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

महुआ सीट और चुनावी समीकरण

मुकेश रौशन को राजद ने इस बार फिर महुआ विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। उस क्षेत्र से तेज प्रताप के चुनाव मैदान में उतरने के कारण मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। परिणामस्वरूप मुकेश रौशन को हार का सामना करना पड़ा, हालांकि तेज प्रताप भी जीत दर्ज नहीं कर सके। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, महुआ सीट पर यह टकराव राजद के भीतर गुटबाजी का संकेत माना गया था। अब तेज प्रताप द्वारा सार्वजनिक रूप से नाम लेने से यह आंतरिक संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।

राजद की प्रतिक्रिया का इंतजार

तेज प्रताप के आरोपों पर राजद की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। तेजस्वी यादव ने फिलहाल इस विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर पार्टी की एकजुटता और विपक्षी राजनीति पर पड़ सकता है। बिहार में राजद विपक्ष की प्रमुख पार्टी है और ऐसे में आंतरिक मतभेद विपक्ष की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

पारिवारिक और राजनीतिक समीकरण

लालू प्रसाद यादव के परिवार में समय-समय पर राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। हालांकि सार्वजनिक मंचों से इस तरह के सीधे आरोप कम ही देखने को मिले हैं। तेज प्रताप का भावुक अंदाज और ‘जयचंद’ शब्द का प्रयोग इस बात का संकेत देता है कि विवाद केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी गहरा है। विश्लेषकों का कहना है कि राजद को आने वाले चुनावी परिदृश्य को देखते हुए आंतरिक एकता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। तेज प्रताप के आरोपों ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और विश्वास के प्रश्न को फिर से चर्चा में ला दिया है।

बिहार की राजनीति में नई हलचल

तेज प्रताप यादव द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर उन्होंने पांच नेताओं को ‘जयचंद’ बताते हुए सीधे निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर अपने खिलाफ फैलाई गई खबरों को लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब नजर इस बात पर है कि राजद नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या पार्टी के भीतर सुलह की कोई पहल होती है। फिलहाल, यह प्रकरण राजनीतिक से ज्यादा व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप ले चुका है, जिसका असर आने वाले दिनों में पार्टी की दिशा और छवि पर पड़ सकता है।


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