Bihar New CM : सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल का नेता चुना गया
राज्यपाल सचिवालय की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

पटना। Bihar New CM: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी का नाम नए मुख्यमंत्री के तौर पर लगभग फाइनल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें नए मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण की तैयारी तेज
राज्यपाल सचिवालय की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी ने संभावित मंत्रिमंडल को लेकर भी राज्यपाल के सचिव से चर्चा की। नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
विधायक दल का नेता चुन लिया गया
सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके बाद अब वो राज्यपाल से मिलेंगे। विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा! इस प्रस्ताव को बीजेपी की विधायक रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल सहित सभी विधायकों ने समर्थन दिया। शिवराज सिंह चौहान ने सम्राट चौधरी के नाम का ऐलान किया है। सम्राट चौधरी थोड़ी देर में बिहार के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी को बधाई दी। कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा कि नई जवाबदेही के लिए सम्राट चौधरी जी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
विजेंद्र यादव और विजय चौधरी बन सकते हैं डिप्टी सीएम
जेडीयू को डिप्टी सीएम पद मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू के विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम का पद दिया जाएगा।
डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे नीतीश के बेटे निशांत
बिहार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर डिप्टी सीएम बनने की अटकलें थी। मगर, अब मीडिया रिपोर्ट के हवाले खबर आ रही है कि निशांत कुमार सरकार में शामिल नहीं होंगे। जेडीयू के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निशांत को सीएम या डिप्टी सीएम बनाने की मांग की थी। मगर, अब जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक निशांत किसी भी तरह से सरकार के पार्टनर नहीं होंगे।
नीतीश ने भंग की कैबिनेट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट भंग कर दी है, जिससे उनके इस्तीफे का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह लोकभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हुसैन को इस्तीफा सौंपेंगे। इस कदम के साथ ही राज्य में करीब दो दशकों से चले आ रहे नीतीश युग का औपचारिक समापन हो जाएगा और नई सरकार के गठन की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी।
नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक
इस बड़े राजनीतिक बदलाव से पहले पटना में मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक औपचारिक रही और इसमें कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया। बैठक का माहौल भावुक रहा। वर्षों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार इस दौरान भावुक नजर आए। उन्होंने अपने सहयोगियों को संबोधित करते हुए नई सरकार के लिए शुभकामनाएं भी दीं। कैबिनेट की बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की नई सरकार में मेरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। नीतीश कुमार पीएम मोदी को भी धन्यवाद दिया।
सेल्फी और विदाई का माहौल
कैबिनेट बैठक के बाद सचिवालय परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी नीतीश कुमार के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित दिखे। पोर्टिको में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई। इसके बाद सामूहिक फोटोग्राफी का भी आयोजन किया गया, जो एक तरह से उनके लंबे कार्यकाल की विदाई का प्रतीक बन गया।
संवैधानिक प्रक्रिया और बीजेपी की रणनीति
बीजेपी नेता और मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने से पहले अपने सहयोगियों को कैबिनेट भंग करने के फैसले की जानकारी देते हैं।” बिहार विधानसभा की 243 सीटों में बीजेपी 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में पार्टी अपने विधायक दल की बैठक कर नए नेता का औपचारिक चुनाव करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का आयोजन मंगलवार दोपहर 3 बजे पार्टी कार्यालय में होगा, जिसमें सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है।
केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता
इस पूरे घटनाक्रम में बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी सक्रिय नजर आ रहा है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक के रूप में पटना भेजा है। उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी और नए नेता का चयन किया जाएगा। यह कदम इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व बिहार में सत्ता परिवर्तन को बेहद रणनीतिक तरीके से अंजाम देना चाहता है।
राजनीतिक दिशा
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से कई तरह की उम्मीदें जुड़ी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई टीम राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों पर किस तरह काम करती है। वहीं, नीतीश कुमार का सक्रिय राजनीति से हटना बिहार की राजनीति में एक बड़े युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नया नेतृत्व राज्य को किस दिशा में लेकर जाता है।


