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बिहार: सीएटीसी-4 कैंप का हुआ समापन, टीएससी चयन बना प्रमुख आकर्षण

बिहार के ओटीसी, बरौनी में 23 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित सीएटीसी-4 (संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर) कैंप का सफल समापन हो गया

बिहार: सीएटीसी-4 कैंप का हुआ समापन, टीएससी चयन बना प्रमुख आकर्षण
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पटना। बिहार के ओटीसी, बरौनी में 23 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित सीएटीसी-4 (संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर) कैंप का सफल समापन हो गया। कैंप में भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों के 500 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए।

कैंप का मुख्य उद्देश्य टीएससी (थल सैनिक शिविर) चयन प्रक्रिया था, जिसके तहत फायरिंग, ऑब्स्टेकल, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट एवं अन्य प्रतियोगी गतिविधियों का आयोजन किया गया। वहीं, कैंप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई कैडेट्स का आगे की प्रक्रिया के लिए चयन भी किया गया।

इस समापन अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स ने गीत, नृत्य एवं देशभक्ति प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कैंप कमांडेंट कर्नल रितेश मोहन ने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि चयन न होने पर निराश होने की आवश्यकता नहीं है, मेहनत और आत्मविश्वास से भविष्य में और बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने बिहार एवं झारखंड के अधिक से अधिक कैडेट्स के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कामना की। इसी के साथ उन्हें देश और समाज के लिए बेहतर करने को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, सूबेदार दया बहादुर राणा, लेफ्टिनेंट राकेश कुमार, सेकेंड ऑफिसर स्वाति सुरभि, सेकेंड ऑफिसर उपेंद्र कुमार यादव, सेकेंड ऑफिसर ऋषि कुमार, सेकेंड ऑफिसर रंजीत कुमार, सीटीओ महिमा मिश्रा, जीसीआई गुड़िया कुमारी सहित अन्य पीआई स्टाफ उपस्थित रहे।

बता दें कि विभिन्न राज्यों में सीएटीसी-4 ('कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप) नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा आयोजित किया जाता है, जो किए एक अनिवार्य वार्षिक प्रशिक्षण शिविर है। इसका मुख्य उद्देश्य कैडेटों को कठोर सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व के मूलभूत सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। कैडेटों के लिए 'बी' और 'सी' प्रमाणपत्र परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए यह शिविर अनिवार्य है।


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