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भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की जांच डीआईजी शाहाबाद करेंगे, पांच पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने सोमवार को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले और नीट पुनर्परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को पुलिस मुख्यालय की ओर से अधिकृत किया गया है।

भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की जांच डीआईजी शाहाबाद करेंगे, पांच पुलिसकर्मी निलंबित
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पटना। बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने सोमवार को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले और नीट पुनर्परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को पुलिस मुख्यालय की ओर से अधिकृत किया गया है।

एडीजी ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनके कांड संख्या 169/26 और 170/26 हैं। उन्होंने कहा कि जांच में एफएसएल समेत सभी वैज्ञानिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, पूरे मामले की पारदर्शी जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद एक थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

आरोप है कि 16 जून को पहली बार कार्रवाई के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी अभियुक्त को समय रहते नियंत्रित नहीं कर सके थे। मुठभेड़ से जुड़े सवालों और कथित स्टिंग ऑपरेशन पर एडीजी ने कहा कि मामला न्यायिक जांच के अधीन है, इसलिए पुलिस की ओर से कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस मुठभेड़ को कभी उपलब्धि नहीं मानती, लेकिन आत्मरक्षा की स्थिति में कानून पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का अधिकार देता है।

वहीं, नीट पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखीसराय में सक्रिय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। एडीजी ने बताया कि तीन परीक्षा केंद्रों से नौ डमी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक मूल अभ्यर्थी संजीव कुमार और गया मेडिकल कॉलेज से जुड़े अर्पित राज को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर पूरे नेटवर्क का संचालन करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप में आउटसोर्स एजेंसी से जुड़े 18 कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को आशंका है कि इनकी मिलीभगत से डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में कवैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) समेत सभी संबंधित संस्थाओं को भी भेज दी गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।

उधर, गोपालगंज में अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमले के मामले में सुधांशु कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि जमीन विवाद को लेकर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।



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