खगड़िया में मासूम से दुष्कर्म और हत्या, गुस्से में सड़कों पर उतरे लोग
खगड़िया में मासूम से दुष्कर्म और हत्या, गुस्से में सड़कों पर उतरे लोग

जिला कलेक्टर कार्यालय में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने किया हंगामा
- परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप, एसएचओ हटाने की मांग
- कचहरी रोड जाम, जनजीवन अस्त-व्यस्त- तनावपूर्ण हालात
- एफआईआर दर्ज, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस; अतिरिक्त बल तैनात
पटना। बिहार के खगड़िया जिले में पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके चलते गुरुवार को आक्रोशित निवासियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी जबरन जिला कलेक्टर कार्यालय में घुस गए, हंगामा किया और मुख्य सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
यह घटना खगड़िया के गंगौर पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जहां बुधवार को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बच्ची का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था।
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता का गला घोंट दिया था।
आक्रोशित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और स्थानीय थाना अधिकारी (एसएचओ) को हटाने की मांग की। उन्होंने इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया।
पीड़िता के परिवार के सदस्यों सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर मार्च करते हुए जबरन परिसर में घुस गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
उन्होंने कलेक्ट्रेट के सामने कचहरी रोड को भी अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और इलाके में तनाव फैल गया।
नारे लगाते हुए और गिरफ्तारियों में देरी पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
सदर सब-डिविजनल ऑफिसर धनंजय कुमार और एसडीपीओ मुकुल रंजन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया।
हालांकि, परिवार के सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अपराध अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किया गया था।
एफआईआर दर्ज कर ली गई है और खगड़िया पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मुकुल रंजन ने कहा कि हमने पीड़िता का पोस्टमार्टम करा लिया है और रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों का दावा है कि हत्या से पहले मृतक के साथ दुष्कर्म किया गया था।
जन आक्रोश के लगातार बढ़ने से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिससे प्रशासन पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा है।
जिला पुलिस ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और कलेक्ट्रेट की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।


