बीएचईएल ने येरामारूस संयंत्र की दूसरी इकाई शुरू की
सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा उपकरण निर्माता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमटेड (बीएचईएल) ने कर्नाटक में रायचूर के येरामारूस संयंत्र में आज 800 मेगावाट की अपनी दूसरी इकाई को सफलापूर्वक शुरू किया
बेंगलुरु। सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा उपकरण निर्माता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमटेड (बीएचईएल) ने कर्नाटक में रायचूर के येरामारूस संयंत्र में आज 800 मेगावाट की अपनी दूसरी इकाई को सफलापूर्वक शुरू किया।
इस संयंत्र की पहली इकाई गत वर्ष मार्च में शुरू की गई थी। इस प्रकार भेल ने एक अग्रणी सुपरक्रिटिकल पावर उपकरण निर्माता के रूप में अपनी क्षमता को साबित कर दिया है जो भारतीय परिस्थितियों के लिए उपयुक्त तकनीक है।
कंपनी के एक वक्तव्य में कहा गया कि येरामारूस परियोजना रायचूर पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरपीसीएल)द्वारा विकसित और कर्नाटक पावर कारपोरेशन लिमिटेड (केपीसीएल) और भेल की इक्विटी सहभागिता के साथ एक संयुक्त उद्यम है।
भेल ने इस परियोजना के प्रमुख उपकरण अपने हरिद्वार, त्रिची, भोपाल, रानीपेट, हैदराबाद, झांसी और बेंगलुरु संयंत्रों में निर्मित किया जबकि दक्षिण क्षेत्र की कंपनी के विद्युत क्षेत्र द्वारा संयंत्र का निर्माण किया।
कर्नाटक बिजली क्षेत्र के विकास में भेल का केपीसीएल एक प्रमुख भागीदार है और राज्य में कोयला आधारित आपूर्ति और निष्पादित केपीसीएल और इसके संयुक्त उद्यम से कुल क्षमता का 96 प्रतिशत यानी 4,810 मेगावाट की सुनिश्चित किया है।


