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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से आया समाज की मानसिकता में बदलाव:स्मृति

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना से समाज की मानसिकता में बदलाव लाने में सफलता मिली है

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से आया समाज की मानसिकता में बदलाव:स्मृति
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नई दिल्ली । केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना से समाज की मानसिकता में बदलाव लाने में सफलता मिली है और इसने जनांदोलन का रूप ले लिया है।

श्रीमती ईरानी ने लिंगानुपात में सुधार करने वाले राज्यों और जिलों को सम्मानित करने के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पुरस्कार समारोह ’ को यहां संबोधित करते हुए कहा कि जन्म के समय लिंगानुपात में जबरदस्त सुधार देखा जा रहा है। उन्होेंने पुरस्कार जीतने वाले राज्यों आैर जिलों को इस योजना को सफल बनाने के लिए शुभकामनायें देते हुए कहा कि यह ‘नये भारत’ की पहचान है। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

ईरानी ने कहा कि इस योजना ने अब जनांदोलन का रुप ले लिया है और लोग बेटियों के समर्थन में सामने में आ रहे हैं। समाज की मानसिकता में लगातार बदलाव आ रहा है जिसका असर जमीनी स्तर पर दिखायी दे रहा है। उन्हाेंने स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके लगातार परिश्रम और लगन के कारण यह योजना सफल हो रही है।

श्रीमती चौधरी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की सफलता का श्रेय स्थानीय कार्यकर्ताओं को जाता है जिन्होेंने इस योजना को लोगों के घरों तक पहुंचाया है और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास किये हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने और समाज में लैंगिक समानता लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को काम करना चाहिए।
इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री ने पांच राज्‍यों के प्रधान सचिवों और आयुक्‍तों और नौ राज्‍यों के 10 जिलों के जिला मजिस्‍ट्रेटों और उपायुक्‍तों को जन्‍म के समय लिंग अनुपात में लगातार सुधार के लिए सम्‍मानित किया।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी, 2015 में हुई थी। अब यह 640 जिलों में लागू हैं और इन सभी जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। वर्ष 2014-15 और 2018-19 की अवधि के लिए जन्म के समय लिंग अनुपात से संबंधित राज्य और संघ शासित क्षेत्र वार रिपोर्टों में कहा गया है कि लिंग अनुपात बढ़कर 918 से 931 हो गया है जो राष्ट्रीय स्तर पर सुधार की प्रवृत्ति को दर्शाता है।


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