बेला भाटिया को ग्रामीणों ने घेरा, बस्तर छोड़ने की हिदायत
जगदलपुर ! छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पंडरीपानी के ग्रामीणों ने सोमवार को सोशल एक्टिविस्ट बेला भाटिया पर नक्सली गतिविधियों मे

जगदलपुर ! छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पंडरीपानी के ग्रामीणों ने सोमवार को सोशल एक्टिविस्ट बेला भाटिया पर नक्सली गतिविधियों मे संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए घेराव किया। परपा पुलिस ने पंडरीपानी पहुंच कर स्थिति पर काबू पाया, परंतु बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीण किसी भी कीमत पर पंडरीपानी में बेला भाटिया को रहने देने तैयार नहीं हैं।
सहायक पुलिस महानिरीक्षक पीएचक्यू अभिषेक पाठक ने बताया कि बेला भाटिया की सुरक्षा को देखते हुए उपनिरीक्षक कृपाल सिंह गौतम के नेतृत्व में 4 महिला पुलिस कर्मचारियों सहित 15 पुलिस कर्मचारियों का बल तैनात किया गया है। उनके कार्य में व्यवधान न हो इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा दी गई है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी बेला भाटिया को नक्सली बताते हुए पंडरीपानी में ग्रामीणों द्वारा पोस्टर, पॉम्पलेट बांट कर बस्तर से भगाने के लिए प्रदर्शन किया जा चुका है। ग्रामीणों ने बेला के पति जॉन द्रेज के विदेशी मूल का मुद्दा बनाते जॉन द्रेज को विदेशी एजेंट बताया है। स्थानीय आदिवासियों में बेला ने अपना नाम सोमारी रखे जाने का भी विरोध किया है।
बस्तर पुलिस अधीक्षक आरएन दास ने बताया कि बेलाभाटिया पर नक्सली समर्थक होने का आरोप है। समय-समय पर ऐसी शिकायत मिलती रही है और उन्होंने एक मैगजीन के इंटरव्यू में नक्सलियों का समर्थन किया। इस संदर्भ में सोमवार को पंडरीपानी के ग्रामीणों ने उनके घर का घेराव किया और नक्सली समर्थक होने का आरोप लगाकर गांव छोड़ने के लिए बाध्य किया। ग्रामीण बेला भाटिया से आक्रोशित है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बेलाभाटिया ने आदिवासी नाम रख लिया है, जिससे ग्रामीण अपमानित महसूस कर रहे हैं और इन्होंने विदेशों में भी संपर्क होने का आरोप लगाया है। ऐहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और पूरे मामले की जांच की जा रही है।


