बीमार पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर पत्रकार ने की खुदकुशी
छतरपुर/भोपाल ! छतरपुर में एक पत्रकार ने अपनी बीमार पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद फांसी लगा ली। उसकी पत्नी लंबे समय से बीमार थी।

छतरपुर/भोपाल ! छतरपुर में एक पत्रकार ने अपनी बीमार पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद फांसी लगा ली। उसकी पत्नी लंबे समय से बीमार थी। घटनाक्रम संभवत: गुरुवार का बताया जाता है। शुक्रवार देर रात मामले का खुलासा हुआ।
थाना प्रभारी अरविंद कुजूर के मुताबिक, पत्रकार श्रीकांत शर्मा(40) अपनी पत्नी प्रियंका के साथ सन सिटी कॉलोनी में एक किराये के मकान में रहता था। वहीं पास में दूसरी कॉलोनी में श्रीकांत और प्रियंका के परिजन रहते हैं। दो दिनों से श्रीकांत का मोबाइल बंद पड़ा था। शुक्रवार शाम प्रियंका की मां माया शुक्ला उसे ढूंढते घर आई। जब दरवाजा नहीं खोला गया, तो उन्होंने खिडक़ी से झांककर अंदर देखा। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। श्रीकांत पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने फौरन पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि, कमरे में पलंग पर प्रियंका का शव पड़ा पड़ा हुआ था। वह बेहद कमजोर नजर आ रही थी। पुलिस का अंदेशा है कि श्रीकांत ने घटनावाले दिन प्रियंका के साथ बेरहमी से मारपीट की होगी। दीवार पर खून के छींटे लगे हुए थे। इससे उसकी दायीं आंख बाहर निकल आई थी। उसकी पीट भी काली पड़ी हुई थी। प्रियंका को मारने के बाद श्रीकांत ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को दोनों की लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजी गईं।
आर्थिक हालत थी खराब: बताया गया है, कि श्रीकांत आर्थिक स्थिति खराब थी, वह वर्ष, 2000 तक ग्वालियर के एक अखबार के लिए छतरपुर में संवाददाता रहा। बाद में उसने छतरपुर से खुद का अखबार शशिचंद्र दर्शन शुरू किया। परिजनों के मुताबिक, श्रीकांत रायपुर(छत्तीसगढ़) में एक अखबार में काम करने लगा। महीनेभर पहले वो वापस छतरपुर आया था। इसके बाद वो एक स्थानीय दैनिक अखबार उत्कृष्ट जगत में काम कर रहा था। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि, प्रियंका ने श्रीकांत के परिजनों पर दहेज का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद वह अपने परिवार से अलग रहने लगे थे। इनकी 10 साल पहले शादी हुई थी, लेकिन कोई बच्चा नहीं था। बताया जाता है, कि 7-8 साल पहले श्रीकांत के मझले भाई ने भी पत्नी सहित इसी तरह आत्महत्या की थी।


