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न्यू नोएडा में प्रस्तावित गांवों में जमीन की खरीद पर लगी रोक, दादरी, गाजियाबाद और बुलंदशहर तहसील समेत रजिस्ट्री विभाग को भेजा गया पत्र

न्यू नोएडा बसाने के लिए चिन्हित किए गए दादरी, गाजियाबाद और बुलंदशहर के 84 गांवों में अब जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकेगी

न्यू नोएडा में प्रस्तावित गांवों में जमीन की खरीद पर लगी रोक, दादरी, गाजियाबाद और बुलंदशहर तहसील समेत रजिस्ट्री विभाग को भेजा गया पत्र
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नोएडा, न्यू नोएडा बसाने के लिए चिन्हित किए गए दादरी, गाजियाबाद और बुलंदशहर के 84 गांवों में अब जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकेगी। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण की तरफ से साफतौर पर एक पत्र सभी तहसील और रजिस्ट्री विभाग को भेज दिया गया है।

एक तरफ नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा को विकसित करने की दिशा में तेजी दिखानी शुरू कर दी है। इसी के चलते अवैध कब्जे भी बढ़ रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्टांप विभाग को लेटर जारी कर कंपनी या फर्म बनाकर जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। ऐसी रजिस्ट्री की लिस्ट भी मांगी है, जिसमें कंपनी या फर्म बनाकर जमीन खरीदी गई है।

अगर जमीन कृषि उपयोग के लिए भी खरीदी जा रही है तो इसकी सूचना प्राधिकरण को देने और प्राधिकरण की सहमति के बिना जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने अथॉरिटी के लेटर की कॉपी तहसील में भी चस्पा कर दी है। प्राधिकरण ने यह लेटर लगातार न्यू नोएडा एरिया में हो रही अवैध प्लॉटिंग और अवैध रूप से बन रहे वेयरहाउस को रोकने के लिए जारी किया है।

नोएडा प्राधिकरण को सूचना मिली है कि न्यू नोएडा अधिसूचित एरिया की जमीन पर सैंकड़ों की संख्या में कॉलोनी काटी जा रही हैं। 50 से अधिक वेयरहाउस बन चुके हैं।प्राधिकरण ने गाजियाबाद, दादरी और बुलंदशहर की तहसीलों में जमीन पर खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का लेटर भेज दिया है। दादरी, गाजियाबाद और बुलंदशहर के 84 गांव की जमीन पर न्यू नोएडा बनाया जाएगा। यही हाल ग्रेटर नोएडा के आसपास के उन गांवों में भी है, जिनमें ग्रेटर नोएडा फेज-2 बसाया जाना है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, न्यू नोएडा एरिया, यमुना एक्सप्रेसवे तथा ग्रेटर नोएडा फेज-2 में भी अवैध कालोनियां खूब बन रही हैं। इनमें भोलेभाले लोगों को ठगा जा रहा है। इसके अलावा कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त भी बड़े पैमाने पर चल रही है। इन सबको देखते हुए प्राधिकरण की तरफ से ये कदम उठाया गया है।

डीएनजीआईआर (दादरी नोएडा गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन) को गौतमबुद्धनगर के 80 गांवों की जमीन अधिग्रहित कर बसाया जाना है। इसे नोएडा प्राधिकरण और एसपीए (स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट) ने बनाया है। डीएनजीआईआर करीब 21 हजार हेक्टेयर (203 वर्ग किमी) में बसाया जाएगा। न्यू नोएडा में 21 हजार हेक्टेयर का ब्रेकअप किया गया है।

मास्टर प्लान 2041 में 40 प्रतिशत भू उपयोग औद्योगिक, 13 प्रतिशत आवासीय, ग्रीन एरिया व रिक्रेशनल एक्टिविटी के लिए 18 प्रतिशत प्रावधान किया गया है।

डीएनजीआईआर को गौतमबुद्धनगर के 20 और बुलंदशहर के 60 गांवों को मिलाकर बनाया गया है। इसके अलावा कॉमर्शियल, पीएसपी इंस्टीट्यूशनल, फैसिलिटी/यूटिलिटी, वाटर बॉडी, ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट्स भी यहां होंगे।

इसकी कुल आबादी 6 लाख मानी जा रही है। जिसमें 3.5 लाख की आबादी माइग्रेट होगी। जिनके लिए ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी प्रकार की यूनिट बनाई जाएंगी। इसके अलावा कुल रेजिडेंशिएल एरिया 2 हजार हेक्टेयर से ज्यादा होगा।


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