ललित सुरजन की कलम से जेम्स बॉन्ड की राजनीति
1962 में बनी पहली फिल्म का निर्माण उस समय हुआ था जब शीतयुद्ध अपनी चरमसीमा पर था।

'मैं जब जेम्स बॉन्ड की दो दर्जन फिल्मों को निर्माण के क्रम में रखकर देखता हूं तो उनमें विश्व के बदलते हुए राजनैतिक परिदृश्य के संदर्भ जैसे अपने-आप उभरकर सामने आने लगते हैं। 1962 में बनी पहली फिल्म का निर्माण उस समय हुआ था जब शीतयुद्ध अपनी चरमसीमा पर था। इसी साल अमेरिका ने क्यूबा पर 'बे ऑफ पिग्ज़' के आक्रमण की योजना बनाई थी और ऐसे किसी आक्रमण की आशंका को ध्यान में रख सोवियत संघ की नौसेना क्यूबा से लगभग बारह सौ किलोमीटर की दूरी पर तैयार खड़ी थी। ऐसा डर लग रहा था कि कहीं तीसरा विश्व युद्ध न छिड़ जाए, लेकिन कैनेडी और खश्चेव दोनों ने संयम व समझदारी का परिचय दिया और आसन्न संकट समाप्त हो गया। मुझे फिल्मों के शीर्षक उनके निर्माण क्रम में याद नहीं है, लेकिन मोटे तौर पर कह सकता हूं कि शॉन कोनेरी अभिनीत सारी फिल्में शीतयुद्ध की भावभूमि पर ही बनी थी, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और पश्चिमी खेमा एक तरफ है तथा दुश्मन के रूप में सोवियत संघ सामने है।
(देशबन्धु में 15 नवम्बर 2012 को प्रकाशित)
https://lalitsurjan.blogspot.com/2012/11/blog-post_15.html


