ललित सुरजन की कलम से लक्ष्यवेध पर संदेह क्यों?
'एक टीकाकार ने लिखा है कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से एक मनोवैज्ञानिक खेल खेला है।

'एक टीकाकार ने लिखा है कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से एक मनोवैज्ञानिक खेल खेला है। ऐसा कोई ऑपरेशन वास्तव में हुआ या नहीं इसे कुछ देर के लिए भूल जाएं। यदि भारत की जनता इस बात से प्रसन्न और आश्वस्त होती है कि मोदी सरकार पाकिस्तान से बदला लेने में सक्षम है व हाथ पर हाथ धरे रहने की बजाय कार्रवाई कर रही है तो यही सही। कुछ अन्य टीकाकारों ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया है कि बीते वर्षों में अनेक बार ऐसे सीमित आक्रमण भारत करते रहा है, लेकिन पूर्व में इसका ढिंढोरा कभी नहीं पीटा गया। इस संबंध में पूर्व प्रसंगों के विवरण भी दिए गए हैं। कहने का आशय यह कि मोदी जी इससे राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयत्न कर रहे हैं।'
'हम मानते हैं कि अगर सचमुच यह लक्ष्यभेदी आक्रमण किया गया था और वर्तमान सरकार इससे लाभ उठा रही है तो यह एक स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया है। किन्तु इसमें अगर सिर्फ प्रचार पाने की चाहत है तो आगे चलकर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा नहीं है।'
(देशबन्धु में 06 अक्टूबर 2016 को प्रकाशित)
https://lalitsurjan.blogspot.com/2016/10/blog-post.html


