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ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?

'श्री मोदी ने अहमदाबाद में कहा कि हम घर में घुसकर बदला लेंगे। जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं? क्या भारत और पाकिस्तान के बीच आर-पार की लड़ाई संभव है? अगर है तो उसके अंतिम नतीजे क्या होंगे? अपनी स्मृति में हमने जो लड़ाइयां देखी हैं उनके परिणाम आखिरकार क्या निकले? हमें भारत-चीन और भारत-पाक ही नहीं, कोरिया, वियतनाम, कांगो, ईरान, इराक, यमन, सीरिया, इजराइल, श्रीलंका, कंबोडिया आदि में क्या हुआ वह भी याद कर लेना चाहिए।'
(देशबन्धु में 07 मार्च 2019 को प्रकाशित)
https://lalitsurjan.blogspot.com/2019/03/blog-post.html
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